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GADVASU: वेट यूनिवर्सिटी ने साइंटिफिक डॉग फीड बनाने को MoU साइन किया

एमओयू साइन करने वाली टीम.

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना और ‘प्योर हेल्थ फ़ूड एंड न्यूट्रिशन’ (PHFN), कठुआ जम्मू-कश्मीर ने अपने ‘CANIDAY’ ब्रांड के तहत डॉग फीड बनाने और उसकी क्वालिटी की जांच करने के लिए टेक्निकल कंसल्टेंसी (तकनीकी सलाह) के लिए एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर साइन किया है. इस कदम की गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी वाइस-चांसलर डॉ. जेपीएस गिल ने जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि इस पहल का सकारात्मक असर दिखने को मिलेगा. पेट्स को अच्छी क्वालिटी का फूड पर परोसने में भी मदद मिलेगी.

डॉ. गिल ने आगे कहा कि “यह MoU यूनिवर्सिटी और इंडस्ट्री की पार्टनरशिप को मज़बूत करने और तेज़ी से बढ़ते पेट फ़ूड सेक्टर के लिए साइंटिफिक जानकारी को प्रैक्टिकल समाधानों में बदलने की दिशा में एक अहम कदम है. इस तरह के सहयोग से जानवरों के पोषण के क्षेत्र में इनोवेशन, क्वालिटी एश्योरेंस और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा.”

सही और अच्छी क्वालिटी वाले पेट फूड प्रोडक्ट्स में बदलने में मिलेगी मदद
यूनिवर्सिटी की ओर से वेट यूनिवर्सिटी के रिसर्च डायरेक्टर डॉ. स्वर्ण सिंह रंधावा ने MoU पर साइन किया, जबकि ‘प्योर हेल्थ फ़ूड एंड न्यूट्रिशन’ का प्रतिनिधित्व सुमित केडिया ने किया.

एमओयू साइन करने के समारोह में डॉ. ओपिंदर सिंह, डॉ. आर. एस. ग्रेवाल, डॉ. एसपीएस घुमन, डॉ. एनके सिंह और यूनिवर्सिटी के अन्य अधिकारी मौजूद थे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पांच साल के इस कंसल्टेंसी सहयोग की कीमत लगभग ₹18.3 लाख रुपए तकय की गई है.

एनिमल न्यूट्रिशन डिपार्टमेंट के हेड डॉ. जे. एस. हुंदल ने कहा, “यह सहयोग फीड बनाने और न्यूट्रिशनल क्वालिटी की जांच में मदद करेगा.

क्योंकि साइंटिफिक जानकारी का इस्तेमाल करके पपी और बड़े कुत्तों के लिए संतुलित, पौष्टिक और किफायती डाइट तैयार करने में मदद मिलेगी. साथ ही रिसर्च और पेट फ़ूड इंडस्ट्री के बीच तालमेल को मजबूत करेगा.

समझौते के तहत, वेट यूनिवर्सिटी अलग-अलग तरह के कुत्तों के लिए फीड बनाने के फॉर्मूले देगी, अपनी लैब सुविधाओं के जरिए फीड की सामग्री और तैयार प्रोडक्ट्स की जांच करेगी.

इतना ही नहीं PHFN को टेक्निकल गाइडेंस देगी, जिसमें उनकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का दौरा करना भी शामिल है.

यह MoU यूनिवर्सिटी और इंडस्ट्री के संबंधों को मजबूत करेगा और जानवरों के पोषण से जुड़ी जानकारी को साइंटिफिक तरीके से तैयार, पोषण के लिहाज से सही और अच्छी क्वालिटी वाले पेट फ़ूड प्रोडक्ट्स में बदलने में मदद करेगा.

Written by
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