Home पोल्ट्री Poultry: PFI की टीम ने मंत्री से मिलकर चिकन बिक्री पर रोक से हो रहे नुकसान गिनाए, सुझाव भी दिए
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Poultry: PFI की टीम ने मंत्री से मिलकर चिकन बिक्री पर रोक से हो रहे नुकसान गिनाए, सुझाव भी दिए

मंत्री से बातचीत करती टीम.

नई दिल्ली. पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया (PFI) की टीम ने प्रेसिडेंट रनपाल ढांडा के नेतृत्व में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मंत्री एसपी सिंह बघेल से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान पीएफआई की टीम ने भारत सरकार (Central Government) को पोल्ट्री उद्योग में मीट बिक्री पर रोक लगाने हुए पैदा हुए मौजूदा संकट के बारे में बताया. साथ ही सुझाव दिया गया कि कैसे राज्य सरकार पोल्ट्री हितधारकों से राय शुमारी करके इसका हल निकाल सकती है. मंत्री को दिए गए ज्ञापन में कहा कि राज्य सरकार को कम से कम तीन महीने पहले राज्य-विशिष्ट, स्थान-आधारित गैर-बिक्री दिवस कैलेंडर जारी करना चाहिए.

मंत्री से मिलने वालों में संजीव गुप्ता, उपाध्यक्ष (मुख्यालय), रविंदर संधू, सचिव, रिकी थापर, संयुक्त सचिव और जगदीश, पीएफआई कार्यालय प्रबंधक शामिल रहे.

क्या आती हैं समस्याएं
प्रतिनिधि मंडल ने मंत्री से कहा कि कहा कि पोल्ट्री फार्मिंग संकट तेजी से आता है. अगर मुर्गियों को बाजार में बेचने की उम्र से ज्यादा समय तक रखा जाए तो चारे की लागत, मृत्यु दर का जोखिम बढ़ जाता है और बिक्री में कमी आती है.

बिक्री पर रोक से दिहाड़ी मजदूर, ट्रांसपोर्टर, मांस की दुकानों के कर्मचारी, हैचरी और चारा, फसल किसान (मक्का, सोयाबीन) की आय में कमी आती है.

वहीं अधिक उम्र के मुर्गियों की गुणवत्ता खराब हो जाती है, जिससे बर्बादी होती है.

बिक्री पर लंबे समय तक प्रतिबंध लगाने से जीएसटी, मंडी कर और राज्य के अन्य राजस्व में कमी आती है.

चारा उत्पादकों, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग इकाइयों को अप्रत्याशित नुकसान का सामना करना पड़ता है.

मंत्री से मिलने वाली पीएफआई टीम.

क्या दिया सुझाव
बिक्री सिर्फ तीर्थयात्रा मार्ग पर ही प्रतिबंधित करें, पूरे जिले में नहीं. सावन पूजा के दिन मंदिरों या आयोजन स्थलों के पास प्रतिबंधित करें, जबकि अन्य जगह बिक्री की अनुमति दें. सिर्फ जुलूस के तत्काल मार्ग पर ही अस्थायी प्रतिबंध लगाएं.

राज्यों के लिए मानक दिशानिर्देश जारी करें. प्रतिबंधों की आवश्यकता वाले त्योहारों और स्थानों की पहचान करने के लिए हितधारकों से से बातचीत करें.

कम से कम 3 महीने पहले राज्य-विशिष्ट, स्थान-आधारित गैर-बिक्री दिवस कैलेंडर प्रकाशित करें. जिला, नगरपालिका हर त्योहार के लिए संवेदनशील क्षेत्रों नक्शा जारी करे.

प्रतिबंधित क्षेत्रों को पहले से सार्वजनिक रूप से सूचित करें. सुनिश्चित करें कि प्रवर्तन भौगोलिक रूप से अधिसूचित क्षेत्रों तक ही सीमित हो.

मुर्गी पालन के फायदे
मुर्गीपालन, पशुधन और पशुपालन क्षेत्रों में लगे लाखों लोगों की आजीविका की रक्षा करता है. करों से राज्य के राजस्व को बनाए रखता है.

छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका इससे चलती है. ग्रामीण और शहरी आपूर्ति श्रृंखलाओं में रोजगार के नुकसान को रोका जा सकता है. मांस और मुर्गीपालन क्षेत्र से राज्य के कर राजस्व की आपूर्ति होती है.

Written by
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