नई दिल्ली. गर्मी का महीना बिल्कुल करीब है. ऐसे में पोल्ट्री फार्मर को गर्मी के दिनों में अपनी मुर्गियों को उनकी जरूरत के मुताबिक तापमान देने की जरूरत होती है, नहीं तो मुर्गी पालन के काम में नुकसान उठाना पड़ सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि लेयर मुर्गियां जो अंडा उत्पादन के लिए पाली जाती हैं. उन पर भी गर्मी का असर बहुत ज्यादा होता है. इसके चलते अंडा उत्पादन प्रभावित होता है. मान लीजिए कि आपके पास में 100 मुर्गियां हैं और उसमें से 10 मुर्गियों ने अंडो का उत्पादन नहीं किया तो फिर इससे नुकसान होना तय है.
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि लेयर मुर्गियों को गर्मियों के दिनों में आरामदायक तापमान देना चाहिए. जिससे वो सुकून के साथ रह सकें और अंडों का उत्पादन करती रहें. फॉर्म के अंदर मुर्गियों के हिसाब से टेंपरेचर को मेंटेन करना होता है.
क्या उपाय करना है जानें यहां
पोल्ट्री एक्सपर्ट के मुताबिक लेयर मुर्गियों के फॉर्म में 18 से 24 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए. हालांकि मुर्गियां 30 डिग्री तक ही तापमान सहन कर पाती हैं.
एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान हो जाने पर ही अंडों का उत्पादन कम होने लगता है.
यदि तापमान 35 डिग्री से ऊपर चला जाए तो यह बहुत खतरनाक है. ऐसी कंडीशन में मुर्गियों का अंडा उत्पादन बहुत ज्यादा घट जाता है.
टेंपरेचर को मेंटेन करने के लिए पोल्ट्री फॉर्म में फॉगर्स, पंखे और कूलर आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है. शेड को ठंडा रखने के लिए उसके ऊपर घास फूस भी बिछाई जा सकती है.
पोल्ट्री एक्सपर्ट के मुताबिक उच्च तापमान के कारण मुर्गियों की भूख कम होने लगती है. जिससे उनका 25 फीसद तक अंडा उत्पादन गिर जाता है.
सिर्फ अंडा उत्पादन ही नहीं गिरता बल्कि अंडों का छिलका पतला या कमजोर हो सकता है. जिससे वो आसानी से टूट जाता है. इससे भी नुकसान होता है.
वहीं गर्मी में उच्च ऊर्जा वाला कम प्रोटीन युक्त और विटामिन खाने योग संतुलित आहार देना चाहिए. क्योंकि लेयर मुर्गियां कम दाना खाती हैं.
निष्कर्ष
अगर मुर्गियों को उचित तापमान दिया जाता है तो ये बेहतर होगा. इसके लिए गर्मियों के मुकम्मल तरह से शुरू होने से पहले तमाम व्यवस्था कर लेनी चाहिए. ताकि मुर्गियों को उच्च तापमान से बचाया जा सके. ऐसा करने से पोल्ट्री बिजनेस में आपको नुकसान नहीं होगा.












