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Poultry farming: अगर ये काम नहीं करेंगे तो पोल्ट्री फार्मिंग में इन खतरनाक गैस से हो सकता है बड़ा नुकसान

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मौसम के बदलाव के साथ खाद और वेस्ट मैनेजमेंट पोल्ट्री फार्मिंग में बेहद ही अच्छे ढंग से करना चाहिए. क्योंकि ये मुर्गी पालन के महत्वपूर्ण पहलू हैं. वहीं जलवायु-स्मार्ट पोल्ट्री को सक्षम तरीकों को भी अपनाया जाना चाहिए. इससे भी पोल्ट्री फार्मिंग के काम में सहूलियत मिलती है. अगर इसमें लापरवाही की जाए तो फिर मुर्गी पालन में नुकसान हो सकता है. कुक्कुट विज्ञान विभाग, पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय, मथुरा (Department of Poultry Science, College of Veterinary Science and Animal Husbandry, Mathura) की गाइलाइंस के अनुसार इन कामों के बिना पोल्ट्री फार्मिंग में मुनाफा नहीं कमाया जा सकता है.

एक्सपर्ट का कहना है कि खाद और अपशिष्ट प्रबंधन जलवायु-अनुकूल पोल्ट्री पालन के महत्वपूर्ण पहलू हैं. पोल्ट्री खाद का अगर अनुचित तरीके से प्रबंधन किया जाए, तो यह मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में योगदान देता है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कम्पोस्टिंग, वर्मीकम्पोस्टिंग और बायोगैस उत्पादन जैसी तकनीकें न केवल उत्सर्जन को कम करती हैं. बल्कि कचरे को मूल्यवान जैविक उर्वरकों और ऊर्जा में भी परिवर्तित करती हैं.

नियमित रूप से कूड़े को पलटना, सूक्ष्मजीवी इनोक्युलेंट मिलाना और उचित भंडारण पद्धतियाँ अमोनिया के वाष्पीकरण और गंध को कम करती हैं.

कार्बन फ़ुटप्रिंट आकलन उपकरणों का उपयोग किसानों को खेत स्तर पर उत्सर्जन को अधिक प्रभावी ढंग से मापने और प्रबंधित करने में मदद करता है.

जलवायु-स्मार्ट पोल्ट्री को सक्षम नीतियों, रिसर्च सहायता और क्षमता निर्माण प्रयासों के बिना सफलता नहीं मिल सकती.

सरकारी नीतियों को सब्सिडी, बीमा योजनाओं और सौर ऊर्जा से चलने चलने वाले प्रकाश व्यवस्था और तापन प्रणालियों जैसे नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों को अपनाने के लिए प्रोत्साहनों के माध्यम से जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढाँचे का समर्थन करना चाहिए.

रिसर्च और विकास संस्थानों को जलवायु-अनुकूल प्रजनन, आहार नवाचार और रोग नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

किसानों को जलवायु-अनुकूल तकनीकों के बारे में शिक्षित करने और स्थानीय क्षमता निर्माण के लिए विस्तार सेवाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता है.

मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म मौसम संबंधी अपडेट, स्वास्थ्य अलर्ट और सर्वोत्तम प्रथाओं के माध्यम से वास्तविक समय में निर्णय लेने में सहायता कर सकते हैं.

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