नई दिल्ली. मुर्गी पालन एक ऐसा काम है, जिसे साल भर में आप कभी भी शुरू कर सकते हैं लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है. जबकि साल भर में कुछ वक्त ऐसा भी होता है, जब मुर्गी पालन करने के लिए उसे सबसे ज्यादा आदर्श माना जाता है. अगर इस दौरान मुर्गी पालन का काम शुरू करते हैं तो इससे फायदा ज्यादा होता है और आपको मुर्गी पालन के काम में अच्छी कमाई करने का मौका मिलता है. तो आइए इस बारे में जानते हैं कि मुर्गी पालन का काम कब शुरू करना चाहिए और उसके क्या फायदे और नुकसान हैं.
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज को बताया कि मुर्गी पालन शुरू करने के लिए गर्मी से थोड़ा पहले का समय चुनना चाहिए. यह वक्त बहुत ही अच्छा होता है. खासतौर पर तब जब आप एक दिन के चूजे के साथ मुर्गी पालन का काम शुरू करना चाहते हैं.
ये सही है सबसे सही
एक्सपर्ट के मुताबिक फरवरी और मार्च का समय एक दिन के चूजे के साथ मुर्गी पालन का काम शुरू करने के लिए बेहतर होता है. क्योंकि इस समय मौसम न तो ज्यादा ठंडा होता है ना ही ज्यादा गर्मी पड़ती है.
इस समय अगर मुर्गी पालन का काम शुरू करते हैं तो गर्मियों से पहले चूजे बड़े और मजबूत हो जाएंगे. यानी जब ज्यादा गर्मी पड़ेगी तो वो खुद को उसके मुताबिक ढाल लेंगे.
वहीं ऐसा होने से चूजों में मोर्टिलिटी बेहद कम रहेगी. जिसका सीधा सा मतलब है कि मुर्गी पालन के काम में आपको फायदा ज्यादा होने लगेगा.
हालांकि मुर्गी पालन शुरू करने के लिए बरसात का मौसम ठीक नहीं होता है. क्योंकि इस दौरान कई तरह की बीमारियों का खतरा मुर्गियों को होता है.
यदि बरसात में होने वाली बीमारियों से मुर्गियों को बचाना चाहते हैं तो फरवरी और मार्च और का महीना मुर्गी पालन शुरू करने के लिए अच्छा होता है.
क्योंकि जब गर्मी आती है तब तक मुर्गियां बड़ी हो जाती हैं. इससे उन्हें कोई भी बीमारी आसानी से नहीं लगती है. क्योंकि उनकी इम्यूनिटी अच्छी होती है.
वहीं आप ठंड के समय भी मुर्गी पालन का काम शुरू कर सकते हैं. क्योंकि ठंड के समय मुर्गियों की ग्रोथ अच्छी होती है.
हालांकि इस दौरान यह दिक्कत होती है कि इस समय ठंड ज्यादा पड़ती है. इसकी वजह से सही तापमान पर रखना होता है. हालांकि मुर्गियों की अच्छे से देखभाल करते हैं तो फिर कोई दिक्कत नहीं है.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि ठंड के समय मुर्गियों का वजन तेजी से बढ़ता है लेकिन उन्हें ज्यादा ठंडे मौसम से बचाने की जरूरत भी होती है. वहीं फरवरी और मार्च का महीना ज्यादा सही होता है.












