नई दिल्ली. मुर्गी पालन का काम एक ऐसा काम है जिसे घर की महिलाएं घर के तमाम कामकाज को करने के साथ-साथ कर सकती हैं और इससे उन्हें साइड इनकम भी हो सकती है. असल में देसी मुर्गियों को पालना उतना मुश्किल नहीं है, जितना की ब्रॉयलर मुर्गों को. देसी मुर्गियों को आप बिना खरीदा हुआ फीड भी खिलाकर पाल सकते हैं. यानी घर में निकले अनाज और किचन वेस्ट को खिलाकर उन्हें पाला जाता है और इस तरह से वेस्ट से बेस्ट तैयार हो जाता है. अगर ये मुर्गियां अंडा देती हैं तो अंडों को बेचकर कमाई होती है, नहीं तो आप मुर्गियों को बड़ा करके भी बेच सकते हैं. इससे भी अच्छी इनकम हो जाती है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देसी मुर्गियां औसतन 300 से 350 रुपए में आसानी से बिक जाती हैं. यदि घर की महिलाएं घर के कामकाज के साथ-साथ किसी खाली स्थान पर 10 मुर्गियों को पाल लें तो कुछ ही महीना में 350 रुपए की कमाई उनको हो जाएगी. वह भी बिना किसी लागत के. जबकि अंडों का उत्पादन करना चाहें तो इससे भी अच्छी कमाई हो सकती है.
यहां पढ़ें इस बिजनेस के बारे
देसी मुर्गियों की खूबी होती है कि वह जल्दी बीमार भी नहीं पड़ती हैं. उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है. जबकि घर के वेस्ट पर भी गुजारा कर लेती हैं.
देसी मुर्गियों को ज्यादा देखभाल की जरूरत भी नहीं पड़ती है. आपको बता देंगे रेडीमेड दाना अगर मुर्गियों को नहीं देते हैं तो लगभग 4 महीने में इन देसी मुर्गियों को तैयार होने में लग जाएंगे.
यदि हर बार 10 देसी मुर्गियों को पालते हैं तो आसानी से सालाना 10 से 12 हजार रुपए की कमाई सिर्फ बेचकर हो सकती है, जो एक साइड इनकम के तौर पर महिलाओं के लिए बुरा नहीं है.
वहीं अगर आप अंडों का उत्पादन भी करते हैं तो इसे भी बेचकर कमाई कर सकते हैं. देसी मुर्गियों का अंडा औसतन 15 रुपए में बिकता है.
हालांकि आप ज्यादा मुर्गियों का पालन करना चाहते हैं और ज्यादा कमाई करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको मुर्गियों को खरीदा हुआ फीड खिलाना पड़ेगा तभी अच्छी कमाई हो पाएगी.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट कहते हैं कि इस तरह के मुर्गी पालन में ज्यादा मेहनत की जरूरत भी नहीं है ना ही किसी तरह के खर्च की जरूरत है. इसमें सिर्फ और सिर्फ मुनाफा ही मुनाफा होता है.












