नई दिल्ली. ठंड में भी मुर्गियों को फाउल पॉक्स और सीआरडी जैसी बीमारियों का खतरा रहता है. ऐसे में कुछ सावधानी बरतने से बीमारियों का खतरा दूर किया जा सकता है. यानि कुछ एहतियात को जरूर आजमाना चाहिए. ठंड में मुर्गियों को पानी पिलाने के सही तरीके को जनना जरूरी है. वहीं यदि किसी बीमारी का लक्षण दिखाई दे तो तुरंत पशु चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए. वहीं समय—समय पर बैक्टीरिया से बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव भी करना चाहिए. इन उपायों को करने से मुर्गियों को बीमारियों से बचाना चाहिए.
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्स्पर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया कि मुर्गियों को ठंड से बचाने के लिए सुबह और शाम के समय में गुनगुना पानी देना फायदेमंद रहता है और रात में 9 या 10 बजे के बाद मुर्गियों को पानी नहीं देना चाहिए. यदि आप लोग रात के 9:00 या 10:00 बजे के बाद मुर्गियों को पानी देते हैं तो उसे समय भी गुनगुना पानी ही पीने के लिए देना चाहिए.
क्या-क्या तरीका आजमाएं
अगर रात में 9 या 10 बजे के बाद भी मुर्गियों को ठंडा पानी पीने के लिए गलती से दे देते हैं तो इससे मुर्गियों को सीआरडी बीमारी लग सकती है.
यदि आपको किसी बीमारी के लक्षण ठंड के दौरान दिखाई दे तो तुरंत उन मुर्गियों को बाकी स्वस्थ मुर्गियों से अलग कर देना चाहिए.
इससे अन्य मुर्गियों में बीमारी फैलने का खतरा कम हो जाएगा. जब मुर्गियों को अलग कर दें तो उसके बाद पशु चिकित्सक को इस बारे में भी जानकारी दें. पशु चिकित्सक की सलाह के मुताबिक मुर्गियों का इलाज करना चाहिए.
वहीं हफ्ते में एक या दो दिन बैक्टीरिया को मारने वाली दवाओं का छिड़काव पोल्ट्री फार्म में करना चाहिए.
आप लोग खरसोलिन का छिड़काव कर सकते हैं. या इसके अलावा डॉक्टर की सलाह पर दूसरी दवाओं का भी छिड़काव कर सकते हैं.
वहीं ठंड के दौरान मुर्गियों को बीमारियों से बचाने के लिए पोल्ट्री फार्म की साफ सफाई पर ज्यादा ध्यान देना है. साथ ही बाहर के लोगों को पोल्ट्री फार्म में घुसने की इजाजत नहीं देना चाहिए.
निष्कर्ष
वहीं अन्य जीव जंतुओं को भी पोल्ट्री फार्म में ना आने दिया जाए. जिससे भी मुर्गियों को बीमारी का खतरा रहता है. यदि इन सावधानियां को आप अपनाते हैं तो मुर्गियों को बीमारियों से बचा सकते हैं.











