नई दिल्ली. जनवरी के मौसम में कड़ाके की ठंड पड़ती है. इस दौरान अगर मुर्गी पालन कर रहे हैं तो मुर्गियों का सावधानी से ध्यान रखना बेहद जरूरी है. क्योंकि अक्सर चूजों और मुर्गियों को सर्दी जुकाम और अन्य बीमारियों का खतरा रहता इस मौसम के दौरान रहता है. इससे बचाव करना बेहद जरूरी है. केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया कि पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों को बीमारियों से बचाने के लिए तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखना जरूरी होता है.
तापमान को बनाए रखने के लिए आप हीटर बल्ब और दूसरे उपकरणों का इस्तेमाल कर सकते हैं. यदि फॉर्म में ठंडी हवा के झोंके आ रहे हैं तो इससे बचाव करना जरूरी है. इसके लिए पर्दों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. वहीं जमीन से मुर्गियों को ठंड न लगे इसका भी उपाय करना जरूरी है. इसके लिए 6 इंच मोटी बिछावन का इस्तेमाल पोल्ट्री फार्म में किया जा सकता है. जिसमें सूखी भूसी, पुवाल आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं. मुर्गियों को साफ और ताजा पानी उपलब्ध कराएं.
ठण्ड के मौसम में मुर्गियों के प्रबंधन का तरीका
पोल्ट्री फार्म में बहुत ज्यादा मुर्गियों को नहीं रखना चाहिए. वो आसानी से रह सकें, ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए.
एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों को ज्यादा ठूंसकर नहीं रखना चाहिए.
हर एक मुर्गी को पर्याप्त जगह दें. ताकि वे आपस में गर्मी बनाए रख सकें.
बीमारियों से बचाने के उपाय करें
जनवरी के मौसम में मुर्गियों को सर्दी, खांसी, रानीखेत, ब्रोंकाइटिस का खतरा बढ़ता है. बीमारियों से बचाव जरूरी है.
एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों को बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराएं. वैक्सीनेशन में लापरवही न करें.
बीमार मुर्गियों को स्वस्थ मुर्गियों से अलग रखें. ताकि बीमार मुर्गियों की वजह से हैल्दी मुर्गियां बीमार न हों.
निष्कर्ष
साफ-सफाई और कीटाणुनाशक का नियमित रुप से प्रयोग करें. यदि इन बातों का जनवरी में ध्यान रखते हैं तो फिर मुर्गियों को बीमारियों से बचा सकते हैं.










