नई दिल्ली. मोटे तौर पर अंडे से चूजे निकालने का दो तरीका है. एक प्राकृतिक तरीका है और दूसरा वैज्ञानिक तरीका. प्राकृतिक तरीके में मुर्गी खुद अंडों पर बैठकर उन्हें गर्मी देती है. जिसमें 21 दिन का समय लगता है, और उसके बाद चूजे अंडों से बाहर आते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि यह छोटे पैमाने का अच्छा तरीका माना जा सकता है. जबकि दूसरा वैज्ञानिक तरीका इनक्यूबेटर या हैचर मशीन का होता है. जो जरूरत के हिसाब से 99.5 फारेनहाइट से 100 फारेनहाइट और नमी बनाए रखती है, इस मशीन को बड़े पैमाने के व्यवसाय के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक समय में 50 से लेकर हजारों अंडे इनक्यूबेटर मशीन में हैच किए जा सकते हैं. इसमें मुर्गी के इंतजार की जरूरत नहीं होती है और आप कभी भी चूजों को बाहर निकाल सकते हैं. आधुनिक मशीनों में अंडे अपने आप घूमते हैं. इसलिए चूजे के निकलने की दर भी बढ़ जाती है. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि कमाई के लिए ये तरीका ज्यादा अच्छा और मुफीद है. क्योंकि एक साथ 3000 मुर्गियों अंडों से चूजा निकालने के लिए मिलना मुश्किल है.
कैसे काम करती है इनक्यूबेटर मशीन
अंडे से चूजा निकलने वाली इस मशीन को एक इनक्यूबेटर कहा जाता है, जो कृत्रिम रूप से मुर्गी के अंडों को गर्मी देकर चूजे पैदा करती है.
आपको बता दें कि यह मशीन दो हजार रुपए से लेकर 50 हजार रुपए तक की आती है. इस मशीन को आप अपनी जरूरत के मुताबिक खरीद सकते हैं.
छोटी मशीन में 7 से 50 अंडे तक रखने का सिस्टम होता है. जबकि बड़ी मशीनों में 100 से तीन हजार अंडे रखे जा सकते हैं.
इसका मतलब ये है कि आप चाहें तो तीन हजार अंडों से चूजे हासिल कर सकते हैं, जो प्राकृतिक रूप में संभव नजर नहीं आता है.
बहुत सी स्वदेशी मशीन उपलब्ध है, जिसकी कीमत 30 हजार रुपए तक मार्केट में है.
इसकी प्रक्रिया की बात की जाए तो अंडों को 37.5 से 37.7 यानी 99.5 फॉरेनहाइट का स्थिर तापमान चाहिए होता है, जो मशीन बेहद ही आसानी से उपलब्ध करा देती है.
वहीं इस मशीन में ऑटोमेटिक टर्मिनल लगा होता है, जो अंडे को समय-समय पर घूमाता है, जिससे चूजे का विकास सही तरह से होता है.
वहीं मशीन में ह्यूमिडिटी कंट्रोल होती है. मशीन के अंदर नमी बनी रहती है जो हैचिंग के लिए बेहद जरूरी है.












