नई दिल्ली. मुर्गी पालन (Poultry Farming) में जिन अहम बातों का ध्यान रखा जाता है. उसमें यह भी है कि मुर्गियों को उनकी उम्र के हिसाब से दाना देना चाहिए और मुर्गियों को जो भी फीड दिया जाए, वह अच्छी क्वालिटी का दिया जाए. बहुत से लोग यहीं लापरवाही कर जाते हैं कि मुर्गियों को उनकी उम्र के हिसाब से दाना नहीं देते हैं और मुर्गियों को खराब क्वालिटी का भी दाना दे देते हैं. इससे मुर्गियों को कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं. इसके अलावा भी बहुत से पोल्ट्री फार्मर कम जगह पर ज्यादा मुर्गियों को रखते हैं. इससे भी दिक्कत आती है.
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर कम जगह पर ज्यादा मुर्गियों को रखा जाए तो इससे मुर्गियों में तनाव बढ़ता है. मुर्गियों में इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. इतना ही नहीं मुर्गियों का वजन भी अच्छे से नहीं बढ़ता है. कुल मिलाकर कहा जाए तो इससे नुकसान ही नुकसान होता है.
कितना जगह पर मुर्गियों को रखें
पोल्ट्री फार्मिंग में मुर्गियों को पर्याप्त जगह की जरूरत होती है. हमेशा ये कोशिश करें कि मुर्गियों को उनके लिए जो पर्याप्त जगह हो. गौरतलब है कि एक मुर्गी को डेढ़ स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है.
अब आप इसी हिसाब से जगह अंदाजा लगा लें. जितनी मुर्गियां फार्म में पालनी है, उसमें डेढ़ स्क्वायर फीट का गुणा कर दें.
अगर आप मुर्गियों को पर्याप्त जगह देते हैं और उन्हें अच्छी जगह मिलती है तो उन्हें कोई ज्यादा समस्या नहीं होगी.
वहीं मुर्गियों को जिस जगह पर रखा जाए वह घर हवादार होना चाहिए. ताकि वहां से हवा आसानी से आर पार हो जाए.
वेंटीलेशन की अच्छी सुविधा अगर होगी तो मुर्गियों में ज्यादा समस्या नहीं होगी और वो बीमार पड़ने से बच जाएंगी.
निष्कर्ष
यदि आप इन बातों का ख्याल रखते हैं तो मुर्गी पालन के काम में आपको नुकसान नहीं होगा और इससे मुर्गियों का उत्पादन बेहतर हो जाएगा. जिसका फायदा पोल्ट्री फार्मिंग के काम में आपको मिलेगा. अगर आप ब्रॉयलर चिकन पाल रहे हैं तो मीट का उत्पादन अच्छा होगा, जबकि अंडों के लिए मुर्गियों को पाल रहे हैं तो अंडों का उत्पादन भी बढ़ जाएगा.












