Home पशुपालन Sheep Farming: आंंध्र प्रदेश की पहचान हैं भेड़ों की ये नस्लें, ऊन और मीट के बिजनेस में देती हैं मुनाफा
पशुपालन

Sheep Farming: आंंध्र प्रदेश की पहचान हैं भेड़ों की ये नस्लें, ऊन और मीट के बिजनेस में देती हैं मुनाफा

आंध्र प्रदेश में डेक्कानी नस्ल की भेड़ दक्कन के पठार में तीन राज्यों महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में पाई जाती है.
आंध्र प्रदेश की भेड़ों की प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. पशु पालन में भेड़ पालन मुनाफा कमाकर देने वाला सौदा है. पशुपालक भेड़ पालन कर इनकी ऊन निकालते हैं और इससे फायदा होता है. वहीं भेड़ का मीट भी खूब पसंद किया जाता है. इस वजह से इसे बहुत से भेड़ पालक मीट के कारोबार के लिए भी पालते हैं और मुनाफा कमाते हैं. आज बात कर रहे हैं आंध्र प्रदेश की खास नस्लों की भेड़ों की, जो पशुपालन में जबरदस्त मुनाफा देने वाली ब्रीड हैं। यदि पशु पालक सफल दक्कनी भेड़ पालन करना चाहते हैं तो उसके लिए एक उपयुक्त वातावरण बनाने की आवश्यकता होगी. जोकि उनकी विशिष्ट जरूरतों को पूरा कर सकें. उनके लिए एक अच्छी तरह हवादार घर देने की जरूरत होती है. ताकि भेड़ों को अत्यधिक गर्मी, ठंड और बारिश जैसे मौसम से बचा सके.

आंध्र प्रदेश में डेक्कानी नस्ल की भेड़ दक्कन के पठार में तीन राज्यों महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में पाई जाती है. डेक्कनी भेड़ की मुख्यता चार नस्ल है. जिसे लोनंद, संगमनेरी, सोलापुरी (सांगोला) और कोल्हापुरी कहते हैं. डेक्कनी में प्रबंधन की गहन प्रणाली के तहत मटन उत्पादन की काफी संभावनाएं हैं. इस वजह से इसे मीट के लिए पाला जा सकता है और ये अच्छा फायदा देगी.

बड़े काम की हैं ये भेड़ें: शिकारियों के प्रवेश से रोकने और भेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए खेत को मजबूत बाड़ से सुरक्षित करना बहुत जरूरी होता है. भेड़ों के चारे के लिए विभिन्न प्रकार की पौष्टिक घास और फलियों के साथ पर्याप्त चरागाह भूमि की भी आवश्यकता होती है. वहीं भेड़ों के लिए उनकी रोज की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वच्छ और पर्याप्त पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करना चाहिए.

डेक्कानी भेड़
होम ट्रैक्ट: आंध्र प्रदेश के कुरनूल और अनंतपुर जिले महाराष्ट्र के नासिक, अहमदनगर, पुणे, सतारा, सांगली, शोलापुर, कोल्हापुर और बीड जिले
पहचानने योग्य विशेषताएं:

  1. मध्यम आकार, लंबे पैर
  2. गहरे भूरे/काले छोरों के साथ भूरा कोट, (सफेद, काले और मिश्रित रंग के वेरिएंट भी)
  3. मध्यम आकार के कान, सपाट और लटकते हुए
  4. छोटी और पतली पूंछ
  5. मोटे बालों वाली ऊन और खुली

नेल्लोर भेड़
होम ट्रैक्ट: नेल्लोर, प्रकाशम और ओंगोल आंध्र प्रदेश
पहचानने योग्य विशेषताएं:

  1. लंबा और पतला शरीर
  2. पेट, पैरों, आँखों, मुँह और थूथन के निचले हिस्से पर काले रंग के साथ अधिकांश सफेद कोट
  3. बालों वाला शरीर, पूरे शरीर पर बाल मौजूद हैं
  4. पतले कान
  5. पूंछ छोटी और पतली है

माचेरला भेड़

मुख्य क्षेत्र: आंध्र प्रदेश के गुंटूर, कृष्णा और प्रकाशम जिले

पहचान योग्य विशेषताएं:

  1. शरीर, चेहरे और पैरों पर बड़े भूरे या काले धब्बों के साथ सफ़ेद कोट का रंग
  2. उभरी हुई नाक का पुल
  3. पत्तेदार कान
  4. नर में सींग पीछे और नीचे की ओर मुड़े होते हैं
Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पशुपालन

Animal Husbandry: धोखाधड़ी से बचाता है ईयर टैग, पशु चोरी होने पर आसानी से ढूंढ सकते हैं

नई दिल्ली. पशुपालन ने एक ऐसा काम है, जिससे किसान अपनी इनकम...

cow and buffalo farming
पशुपालन

Animal News: खुरपका-मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए बिहार में अब तक लाखों पशुओं को लगी वैक्सीन

नई दिल्ली. डेयरी पशुओं को खुरपका-मुंहपका बीमारी से बचाने का बेड़ा सरकार...

सीता नगर के पास 515 एकड़ जमीन में यह बड़ी गौशाला बनाई जा रही है. यहां बीस हजार गायों को रखने की व्यवस्था होगी. निराश्रित गोवंश की समस्या सभी जिलों में है इसको दूर करने के प्रयास किया जा रहे हैं.
पशुपालन

Pashu Mela: NDRI के डेयरी मेला और एग्री एक्सपो-2026 में एक्सपर्ट से पूछें अपने हर सवाल का जवाब

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) करनाल द्वारा राष्ट्रीय डेयरी मेला...

पशुपालन

Dog Show: 22 फरवरी को पटना में होगा डॉग शो, पेट्स लवर के पास है आकर्षक इनाम जीतने का मौका

नई दिल्ली. प्रसार शिक्षा निदेशालय बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना की ओर...