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Dairy: दिल्ली NCR, यूपी और एमपी में बिकेगा राजस्थान का दूध, दही व घी

सरस ब्रांड के प्रोडक्ट की तस्वीर.

नई दिल्ली. राजस्थान सरकार की ओर से हाल ही में पेश किए गए बजट 2026-27 को लेकर पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि ये बजट विकसित राजस्थान- 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ठोस कदम है. कहा कि ये बजट “समृद्ध किसान, सशक्त पशुपालक और विकसित राजस्थान” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रावधानों से राज्य में पशुपालन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा.

कुमावत ने पशुपालन से किसानों की आय में 25 से 30 प्रतिशत योगदान को स्वीकारते हुए कहा कि इस क्षेत्र में उद्यमिता विकास और आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है. उन्होंने बताया कि डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे. ताकि डेयरी सेक्टर से जुड़े किसानों को इसका फायदा मिल सके.

एनसीआर, यूपी व एमपी में सरस खोलेगा आउटलेट्स
कुमावत का मानना है कि बजट में किए गए प्रावधान डेयरी सेक्टर को मजबूती तो देगें साथ ही किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी.

इस बजट की मदद से साथ-साथ राज्य सरकार के ‘विकसित प्रदेश के संकल्प को साकार करने में बहुत मदद मिलेगी.

ये बजट डेयरी और पशुधन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक मील का पत्थर है. उन्होंने डेयरी सेक्टर के विस्तार के लिए 2000 करोड़ के कोरपस फंड की घोषणा का स्वागत किया.

मंत्री ने कहा कि सरस ब्रांड को गुणवत्तापूर्ण राष्ट्रीय डेयरी ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए एनसीआर, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश आदि राज्यों में सरस उत्पादों के आउटलेट्स खोले जाएंगे. इसके लिए 100 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे.

दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के उदेश्य से मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के अंतर्गत 5 रुपए प्रति लीटर अनुदान दिया जा रहा है.

आगामी वर्ष में इस योजना के तहत 700 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा, जिससे लगभग 5 लाख पशुपालकों को फायदा पहुंचेगा.

इसके अलावा एक लाख पशुपालकों को दूध आधारित उत्पाद-शुद्ध घी, मावा, पनीर, मिठाई आदि बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा.

निष्कर्ष
गौरतलब है कि सरकार दूध उत्पादन और प्रोसेसिंग को भी बढ़ावा देने का काम कर रही है ताकि किसानों को इसका भी फायदा मिले. सरकार दूध उत्पादन को 9 फीसद से बढ़ाकर 25 फीसद करने की योजना पर काम कर रही है. जिससे तय तौर पर डेयरी सेक्टर से जुड़ने वाले किसानों को फायदा होगा.

Written by
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