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Scheme: योजना के जरिए सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों की आर्थिक मदद करती है सरकार

The revised NPDD will give an impetus to the dairy sector by creating infrastructure for milk procurement
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के काम में अच्छी कमाई की जा सकती है. डेयरी फार्मिंग एक ऐसा काम है, जिसको करके किसान अपनी इनकम को तेजी से बढ़ा सकते हैं. डेयरी फार्मिंग में न सिर्फ दूध बेचकर कमाई होती है. बल्कि दूध से बनने वाले प्रोडक्ट की बिक्री करके बहुत ज्यादा कमाई को बढ़ाया जा सकता है. वहीं बाजार में दही, मक्कख और दूध से बनने वाले अन्य उत्पाद की डिमांड हमेशा ही बन रहती है. जिससे डेयरी किसानों को फायदा ही फायदा होता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2017-18 के दौरान “डेयरी कामों में लगी सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों की सहायता” नामक योजना शुरू की गई थी. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा योजना को लागू किया गया है. किसानों को एक स्थिर बाजार तक पहुंच प्रदान करने के लिए डेयरी कामों में लगी सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों को सक्षम बनाने के लिए जरूरी पूंजी के लिए आसान लोन प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के पास स्थायी रूप से रखे गए 300 करोड़ रु. के कॉर्पस का उपयोग किया जा रहा है.

योजना के उद्देश्य के बारे में जानें यहां
गंभीर प्रतिकूल बाजार स्थितियों या प्राकृतिक आपदाओं के कारण संकट से निपटने के लिए सुलभ कार्यशील पूंजी लोन प्रदान करना.

ऐसा करके डेयरी कार्यकलापों में लगी सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों की सहायता करना.

डेयरी किसानों को स्थिर बाजार तक पहुंच प्रदान करना.

डेयरी कामों में लगी सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों को किसानों को बकाया भुगतान समय पर जारी करने के लिए सक्षम करना.

फ्लश सीजन के दौरान भी, किसानों से लाभकारी मूल्य पर दूध खरीदने के लिए डेयरी कार्यकलापों में लगी सहकारी और किसान उत्पादक संगठनों को सक्षम बनाना.

निष्कर्ष
योजना से जुड़े अफसरों ने बताया कि डेयरी सेक्टर पर कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव के कारण, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने डेयरी सेक्टर पर अपनी योजना “डेयरी गतिविधियों में लगे सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों की सहायता” (एसडीसी एंड एफपीओ) के तहत एक घटक के रूप में “डेयरी क्षेत्र के लिए कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज छूट” नामक एक नया घटक शुरू किया है. दूसरे अन्य घटक के तौर पर “कार्यशील पूंजी ऋण” जिसके तहत कॉर्पस से निधियां दी जानी थीं, को अस्थायी रूप से 2020-21 के दौरान निलंबन में रखा गया था.

Written by
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