नई दिल्ली. पशुपालकों के कल्याण से समृद्धि, सशक्तिकरण से आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार कई कदम उठा रही है. असल में केंद्र सरकार से लेकर तमाम राज्यों की सरकारें किसानों की इनकम को पशुपालन के जरिए बढ़ाना चाहती हैं. सरकारों ने ये मान लिया है कि किसानों की इनकम को बढ़ाने के लिए पशुपालन को बढ़ावा देना होगा. इसी कोशिश में हजारों करोड़ रुपए पशुपालन के काम में इंवेस्ट किए जा रहे हैं. ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान पशुपालन करें और फिर इससे अपनी इनकम को बढ़ा सकें.
वहीं मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव की सरकार भी पशुपालन के जरिए किसानों की इनकम साथ ही दूध उत्पादन को बढ़ावा देना चाह रही है. सरकार का मानना है कि पशुपालन बढ़ेगा तो इससे दूध उत्पादन भी बढ़ेगा और फिर इसका फायदा दूध उत्पादन करने वाले किसानों को होगा. इस वक्त राज्य में देश का कुल 9 फीसद दूध उत्पादन किया जा रहा है. जिसे सरकार 20 फीसद तक करना चाहती है और सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने के मामले में तीसरे से पहले स्थान पर आना चाहती है. जिससे सभी को फायदा हो. इसके लिए भी सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई गईं हैं.
किस योजना में कितना होगा खर्च
सरकार की तरफ से बताया गया है कि पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए गहन पशु विकास परियोजना के लिए 838 करोड़ का प्रावधान इस बजट में किया गया है.
इस तरह से गौ संवर्धन एवं पशुधन संवर्धन 621 करोड़ रुपए सरकार खर्च करेगी.
मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के लिए सरकार 250 करोड़ का इंवेस्टमेंट करेगी.
चलित पशु कल्याण सेवाओं के लिए 79 करोड़ रुपए राज्य में खर्च किए जाएंगे.
पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर (ब्लॉक ग्रांट) के तौर 78 करोड़ की मंजूरी दी गई है.
नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (NADCP) के तहत 60 करोड़ रुपए खर्च करके बीमारियों पर कंट्रोल किया जाएगा.
जिला एवं संभागीय स्तर की योजनाओं के लिए 51 करोड़ रुपए सरकार खर्च करेगी.
पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों का निर्माण करने के लिए 50 करोड़ खर्च होगा.
इसके अलावा मुख्यमंत्री डेयरी विकास योजना में 50 करोड़ रुपए सरकार ने खर्च करने की बात कही है.
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए प्रदेश में पशुपालन और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है. शासकीय गौशालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान भी 20 रुपए से बढ़कर 40 रुपए कर दिया गया है. साथ ही पात्र लोगों को डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना में 25 गायों के पालने पर 10 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है. ये सारे काम किसानों की आय को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.










