Home मछली पालन Shrimp: टैरिफ की वजह से अमेरिका में फ्रोजन झींगा एक्सपोर्ट पर असर, भारत ने अन्य देशों से की भरपाई
मछली पालन

Shrimp: टैरिफ की वजह से अमेरिका में फ्रोजन झींगा एक्सपोर्ट पर असर, भारत ने अन्य देशों से की भरपाई

livestock animal news shrimp farming
भारत में प्रोड्यूस झींगा की तस्वीर.

नई दिल्ली. भारत का सीफूड एक्सपोर्ट कारोबार 72 हजार करोड़ के पार पहुंच चुका है. एमपीईडीए की ओर से जारी आंकड़ो पर गौर किया जाए तो इसमें सबसे ज्यादा बड़ा रोल फ्रोजन झींगा का है. आधे से ज्यादा का कारोबार इसी की वजह से हुआ है. वहीं आंकड़े ये कहते हैं कि एक बार फिर अमेरिका सबसे बड़ा निर्यातक देश रहा है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ के चलते अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले फ्रोजन झींगा में कमी भी आई है. लेकिन भारत ने अन्य देशों से इसकी भरपाई जरूर कर ली है.

सीफूड एक्सपोर्ट की प्र​गति का प्रमुख चालक फ्रोजन झींगा बना रहा, जिसने 47,973.13 करोड़ रुपये का योगदान इसमें दिया है जो कुल निर्यात आय के दो-तिहाई से अधिक है. झींगा मछली के निर्यात में मात्रा के हिसाब से 4.6 फीसद और मूल्य के हिसाब से 6.35 परसेंट की वृद्धि हुई है. जिससे भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात में इसका प्रभुत्व मजबूत हुआ है.

चीन को निर्यात किए गए आंकड़े में बड़ा सुधार
अमेरिका ने 2.32 अरब अमेरिकी डॉलर के कुल आयात के साथ सबसे बड़े निर्यात गंतव्य के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा.

हालांकि, अमेरिका को भेजे जाने वाले शिपमेंट की मात्रा में 19.8 परसेंट और मूल्य में 14.5 परसेंट की गिरावट आई, जो मुख्य रूप से पारस्परिक टैरिफ के प्रभाव की ओर इशारा करती है.

चीन, यूरोपीय संघ और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे वैकल्पिक बाजारों में मजबूत बढ़ोतरी से इस गिरावट की भरपाई हुई है.

वहीं दूसरे सबसे बड़े निर्यात ठिकाने चीन को निर्यात मूल्य में 22.7 फीसद और मात्रा में 20.1 परसेंट की बढ़ोतरी हुई.

यूरोपीय संघ ने भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की, जहां निर्यात मूल्य में 37.9 फीसद और मात्रा में 35.2 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज हुई.

दक्षिण-पूर्व एशिया में भी विशेष विस्तार हुआ, जहां मूल्य और मात्रा में क्रमशः 36.1% और 28.2% से अधिक की बढ़ोतरी हुई.

जापान को निर्यात मूल्य में 6.55 परसेंट की बढ़ोतरी हुई, जबकि पश्चिम एशिया को निर्यात में वित्तीय वर्ष के अंत में क्षेत्र में व्याप्त अशांति के कारण 0.55% की मामूली गिरावट दर्ज की गई.

कई अलग-अलग बाजारों में दहाई के अंकों तक की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पारंपरिक बाजारों में व्यापारिक चुनौतियों के बीच विविधीकरण की ओर स्पष्ट बदलाव को दर्शाती है.

उत्पादों की बात करें तो फ्रोजन मछली, स्क्विड, कटलफिश, सूखे खाद्य पदार्थ और जीवित उत्पादों के निर्यात में सकारात्मक तेजी देखी गई.

जबकि ठंडे उत्पादों में गिरावट आई है. सुरिमी, मछलियों का भोजन और मछली के तेल के निर्यात में सुधार हुआ.

लॉजिस्टिक्स के संदर्भ में शीर्ष पांच बंदरगाहों विशाखापट्टनम, जेएनपीटी, कोच्चि, कोलकाता और चेन्नै का कुल निर्यात मूल्य में लगभग 64 फीसद हिस्सा रहा.

जो भारत की समुद्री खाद्य निर्यात आपूर्ति शृंखला में उनके लगातार महत्व को उजागर करता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

गर्मी में भी मछली के तालाबों में पानी का स्तर लगभग 6 फीट रखा जाना चाहिए. इससे निचले हिस्से में पानी का तापमान उपयुक्त रहता है.
मछली पालन

Fisheries News: मछुआरों की इनकम बढ़ाने के लिए जाल पैकेज और नाव बांटी, जरूरी टिप्स भी दिए

नई दिल्ली. फिशरीज सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई काम...

चिलचिलाती गर्मी में मछलियों को सूखा चारा नहीं देना चाहिए.
मछली पालन

Fisheries: मछली के अच्छे बीज के उत्पादन पर फोकस कर रही है सरकार, युवाओं को लगाया जाएगा आगे

नई दिल्ली. मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने उत्तर...

Fisheries,Fish Farming, Fish Farming Centre, CMFRI
मछली पालन

Fisheries: भारत ने ब्रिक्स समूह में मछली पालन-जलीय कृषि को किसानों की इनकम से जोड़ने का रखा प्रस्ताव

नई दिल्ली. मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन मंत्रालय, भारत सरकार के...