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Layer Poultry Farm: लेयर फार्म क्या है, सफेद और भूरा अंडा देने वाली मुर्गी के बारे जानिए

सफेद अंडा देने वाली मुर्गियों की तुलना में भूरा अंडा देने वाली मुर्गियां कुछ बड़ी होती हैं. ये मुर्गियां अधिक खाना खाती हैं. अन्य लेयिंग ब्रीड की तुलना में यह बड़े अंडे देती हैं. इनके अंडों का खोल भूरे रंग का होता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. पोल्ट्री आज देश में किसानों की सबसे तेजी से बढ़ती फील्ड में से एक है. आज कृषि फसलों का प्रोडेक्शन हर साल डेढ़ से दो फीसदी के रेसियो से बढ़ रहा है. अंडे और बॉयलर का 8 से 10 फीसदी की दर से बढ़ा है. आज भारत दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा अंडा प्रोडक्शन का देश बन गया है और लेयरों में 18वां सबसे बड़ा उत्पादक देश है. बिजनेस के निर्माण के लिए कुछ जोड़ जिम्मेदार हैं. प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, शहरी आबादी और गिरती हुई मुर्गियों की कीमत, डिजाइन और संचालन में बदलाव आया है. वह भी बिजनेस को बढ़ावा देता है. चार दशकों में अगर 15 सालों की बात की जाए तो काफी बड़ा चेंज आया है. इस चेंजिंग में ब्रीडिंग, हेचिंग, पालन और प्रोसेज, ऑपरेशंस कार्ड में बड़ा निवेश भी शामिल है.

भारत में किसानों ने आज हाई लाइन जैसे बर्ड्स का पालन भी शुरू किया है, जिससे अच्छा लाभ मिल रहा है. अंडे का नेचर और रंग के अनुसार लेयर मुर्गियां दो तरीके की होती है.
सफेद अंडा देने वाली मुर्गी यह मुर्गियां छोटे आकार की होती हैं, कम खाती है और अंडे के खोल का रंग सफेद होता है, ईसा व्हाइट, लेहमैन व्हाइट, बोवंच व्हाइट, निकचिक, हाय सेक्स व्हाइट, सीवियर व्हाइट, जैसे कुछ सफेद अंडे देने वाली मुर्गियां हैं.

भूरा अंडा देने वाली मुर्गियां सफेद अंडा देने वाली मुर्गियों की तुलना में भूरा अंडा देने वाली मुर्गियां कुछ बड़ी होती हैं. ये मुर्गियां अधिक खाना खाती हैं. अन्य लेयिंग ब्रीड की तुलना में यह बड़े अंडे देती हैं. इनके अंडों का खोल भूरे रंग का होता है. भूरे रंग का अंडा देने वाली मुर्गी आजकल ईसा ब्राउन, हाय सेक्स ब्राउन, लेमन ब्राउन, गोल्ड लाइन बेबीलोन, हार्वर्ड ब्राउन आदि हैं.

लेयर पोल्ट्री फार्म पोल्ट्री के बिजनेस के लिए लेयर पोल्ट्री फार्म के लिए बहुत उपयुक्त है. लेयर फार्म वर्कर यहां काम कर सकते हैं. इनका काम मैन्युअल है. इस काम में पोल्ट्री से संबंधित कई प्रकार के काम शामिल होते हैं. जो प्रतिदिन होते हैं. पोल्ट्री के संबंध में कई स्पेशल काम भी किए जाते हैं जैसे चारा देना, पानी देना और अन्य प्रकार की देखभाल करना. पोल्ट्री हाउस, पेन फीडर, वाटर रिसेप्टर, बॉयलर रूम और शेड को साफ करना. पोल्ट्री की जानकारी की रिकॉर्ड रखना. मुर्गिंयों की जांच करना, वैक्सीनेशन के लिए पोल्ट्री को तैयार करना. हेचिंग के उपकरण स्टेरलाइज करना और बाड़ की मेंटेनेंस करना. चारे को लोड और अनलोड करना. लाइट, हीटिंग बनाए रखना.

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