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Dairy Business: डेयरी कारोबार में क्या है क्लाउड कंप्यूटिंग का इस्तेमाल, जानें इसके फायदे

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नई दिल्ली. पशुओं का डेटा इकट्ठा करना पशुपालन में अहम है लेकिन डेटा हासिल करने के मकसद से रिकॉर्डिंग और एनालिसिस के लिए अपना निजी कंप्यूटर सिस्टम रखना एक महंगा सौदा है. एक्सपर्ट का कहना है कि इसमें कई दिक्कते हैं. जैसे बुनियादी ढांचे, बिजली, ट्रेंड व्यक्ति आदि. इसी समस्या के हल के लिए एक आप्शन सामने आ चुका है. पिछले कुछ वर्षों में क्लाउड कंप्यूटिंग एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में उभरी है. इस तकनीक के आधार पर डेयरी फार्मिंग सहित लगभग सभी क्षेत्रों में कई सॉफ्टवेयर विकसित किए गए हैं. क्लाउड कंप्यूटिंग तकनीक छोटे किसानों के लिए एक वरदान है, जो निजी कंप्यूटर रखने का खर्च नहीं उठा सकता है.

क्लाउड पर सर्वर को स्मार्ट फोन/मोबाइल के माध्यम से आसानी से एक्सेस (पहुंच) किया जा सकता है, जो अब देश के गांवों और दूरदराज के इलाकों में उपलब्ध हैं. पशु मैनेजमेंट के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग पर आधारित कई सॉफ्टवेयर पैकेज है. इनमें से ज्यादातर सॉफ्टवेयर व्यावसायिक हैं और इसके लिए चार्ज देना होता है. जबकि कुछ मुफ्त भी उपलब्ध हैं. मुफ्त सॉफ्टवेयर सीमित सुविधाएं प्रदान करते हैं.

छोटे किसानों के लिए है बेहतर आप्शन
निजी कम्पनियों द्वारा विकसित भारतीय किसानों के लिए पशु डेटा रिकॉडिंग ट्रैकिंग और विश्लेषण के लिए व्यावसायिक रूप से उपलब्ध क्लाउड कंप्यूटिंग आधारित सॉफ्टवेयर भी उपलब्ध हैं. पशु प्रबंधन के ज्यादातर पहलुओं के लिए इस प्रकार के निजी कम्पनियों सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल संगठित और असंगठित डेरी फार्मों द्वारा किया जा सकता है. छोटे किसान, बिना किसी एडवांस लागत के अपनी आवश्यकता के अनुसार और पशुओं की संख्या के आधार पर डेटा रिकॉर्डिंग, विश्लेषण और सलाह हासिल करने के लिए ऐसे सॉफ्टवेयर की मदद ले सकते हैं. इस प्रकार के सॉफ्टवेयर को मॉड्यूलर का इस्तेमाल करके विकसित किया गया है. ताकि आवश्यकता पड़ने पर नए मॉड्यूल जोड़े जा सकें.

पशु उत्पादकता और स्वास्थ्य के लिए सूचना नेटवर्क
गौरतलब है कि राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने पशु उत्पादकता और स्वास्थ्य (आईएनएपीएच) के लिए एक सूचना नेटवर्क विकसित किया है, जो किसानों के दरवाजे पर प्रजनन, आहार और स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वसनीय डेटा की रिकॉर्डिंग की सुविधा मुहैया करता है. इसी तरह कुछ दूध संघ अपने उत्पादक सदस्यों के पशुओं के रिकॉर्ड बनाए रखते हैं और किसानों को प्रजनन और स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी और सेवाएं प्रदान करते हैं. उदाहरण के लिए दूध उत्पादक सदस्यों को गर्भावस्था परीक्षण की तारीख, टीकाकरण कार्यक्रम, स्वास्थ्य संबंधी अन्य जानकारी के बारे में सूचित किया जाना आदि. एक्सपर्ट के अनुसार हर किसान को एक उपयुक्त विधि चुनकर अपने पशुओं के विश्वसनीय रिकॉर्ड को बनाए रखना चाहिए, जो उसे प्रदर्शन में सुधार करने में मदद करेगा.

Written by
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