Home पशुपालन Dairy Animal Shed: गाय-भैंस का शेड तैयार कराते वक्‍त किन-किन बातों का रखें ख्‍याल, पढ़ें यहां
पशुपालन

Dairy Animal Shed: गाय-भैंस का शेड तैयार कराते वक्‍त किन-किन बातों का रखें ख्‍याल, पढ़ें यहां

सीता नगर के पास 515 एकड़ जमीन में यह बड़ी गौशाला बनाई जा रही है. यहां बीस हजार गायों को रखने की व्यवस्था होगी. निराश्रित गोवंश की समस्या सभी जिलों में है इसको दूर करने के प्रयास किया जा रहे हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. ये बात तो हम सभी ही जानते हैं कि ग्रामीण परिवेश में लगभग 80 प्रतिशत से भी अधिक पशुपालक स्वयं रहने के स्थान के निकट ही पशुओं को रखना पसंद करते हैं. ताकि पशुओं की देखभाल आसानी से की जा सके. पशुओं के रखने की जगह पशुओं की संख्या तथा खेती बाड़ी के स्तर पर निर्भर करता है. कृषि एवं जलवायु के क्षेत्रों के अनुरूप स्थान की आवश्यकता, निर्माण का स्वरूप, छत का प्रकार आदि के सम्बन्ध में वैज्ञानिक जानकारी का अभाव इस दिशा में निश्चित तौर पर पॉलिसी फॉर्मूलेशन को रोकने वाला साबित होता है.

डेयरी पशुओं में खुली आवास व्यवस्था उचित मानी गई है. इसके तहत पशुओं को खुले क्षेत्र में रखा जाता है. इसमें थोड़ा स्थान ढका हुआ आश्रय स्थल भी होता है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर पशु अन्दर भी जा सके. हालाकि मुक्त एवं परम्परागत आवास व्यवस्था, दोनों ही पक्षघरों के अलग-अलग मत हैं आइए इसके बारे में डिटेल से जानते हैं.

खुल बाड़े का क्या है फायदा
मुक्त व्यवस्था के मुताबिक पशु को घूमने फिरने, चारा, पानी, आश्रय आदि की पूर्ण स्वतन्त्रता होती है. ज्यादा संख्या में पशुओं का प्रबन्धन आसान होता है. पशु को गर्मी में आने के लक्षणों की जांच आसानी से की जा सकती है. आवास निर्माण में कम लागत आती है. चारा खिलाने तथा उणुओं की देखभाल के लिए श्रम लागत भी कम लगती है. इसके साथ ही ट्रेडिशनल आवास व्यवस्था को उचित मानने वालों की दृष्टि में मुक्त व्यवस्था में हर पशु का ध्यान रखना मुश्किल होता है. पशुओं की सीग रहित रखना बेहद ही जरूरी होता है. ज्यादा सर्दी के मौसम में बचाव हेतु विशेष प्रबन्ध की आवश्यकता होती हैं. ये बातें इस व्यवस्था की कमी को स्पष्ट करती हैं. इसके बावजूद पशु को अत्यधिक गर्मी से बचाव तथा हवादार आवास की पूर्ति हेतु खुले आवास को ही उचित माना गया है.

ताकि ठंड और गर्म हवा से बचाया जा सके
पशु आवास पशुओं के लिए आरामदायक हो तथा उनके खान-पान एवं दूध निकालने की समुचित व्यवस्था हो. आवास हवादार हो और इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि गर्मी तथा सर्दी में तेज हवा पशु को न लगे. आस पास के क्षेत्रों की तुलना में आवास ऊंचे स्थान पर होना चाहिए ताकि उसके आस-पास पानी इकट्ठा न हो, साथ ही गोबर एवं गोमूत्र का निकास भी आसानी से हो सके एवं पशु स्वास्थ्य हेतु पूर्ण स्वच्छता रखी जा सके. आवास निर्माण की सामग्री आसानी से उपलब्ध हो ताकि आवास कम लागत में बन सके तथा रख रखाव पर भी अधिक खर्च न हो. आवास में समुचित हवा तथा रोशनी का प्रबंध हो.

साफ पानी की होनी चाहिए व्यवस्था
पशुओं की देखभाल आदि में श्रम का प्रयोग कम से कम हो. वहीं आवास में सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, हफ्ते में एक बार फिनाएल आदि से फर्श की धुलाई तथा दीवारों की सफाई भी नियमित रूप से हो ताकि परजीवी एवं जीवाणु जनित संक्रमण से पशुओं का बचाव हो सके. साफ पानी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए. चोरी तथा अन्य जानवरों से दुर्घटना का भय न हो. पशुओं को इस प्रकार रखा जाना चाहिए कि आस पास की फसलों का नुकसान न हो.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

CIRB will double the meat production in buffaloes, know what is the research on which work is going on. livestockanimalnews animal Husbandry
पशुपालन

Animal Husbandry: पशुपालन में रेट वाटर डिजीज है बेहद खतरनाक, उत्पादन पर पड़ता है बुरा असर

नई दिल्ली. पशु को कई बीमारियां होती हैं. जिससे उनका उत्पादन और...

murrah buffalo livestock
पशुपालन

Animal Husbandry: पशुपालन ने पशुपालक को बना दिया करोड़पति, खूब हो रही है कमाई

नई दिल्ली. पशुपालन एक ऐसा काम है जो आपको करोड़पति बना सकता...

cow and buffalo farming
पशुपालन

Animal Husbandry: एफएमडी से बचाने के लिए पशुओं को घर-मुफ्त में लगेगी वैक्सीन

नई दिल्ली. बिहार के कटिहार के बरारी प्रखंड तहत स्थित प्रथम वर्गीय...

दुधारू गाय व भैंस के ब्याने व उसके बाद सतर्क रहने की आवश्यकता है.
पशुपालनसरकारी स्की‍म

Scheme: यूपी वाले बैंक से लोन लेकर शुरू कर सकते हैं पशुपालन

नई दिल्ली. यदि आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और पशुपालन का...