Home पोल्ट्री Poultry Farming: चूजों की देखभाल करने का क्या है सही तरीका, जानें कितना फीड खाते हैं चूजे
पोल्ट्री

Poultry Farming: चूजों की देखभाल करने का क्या है सही तरीका, जानें कितना फीड खाते हैं चूजे

अधिकांश पोल्ट्री प्रजातियों की चोंच एक बहुत ही विशिष्ट अंग है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. जब पोल्ट्री फार्मिंग शुरू की जाती है तो चूजों को खरीदा जाता है. चाहे बैकयार्ड फार्मिंग की जाए या फिर कार्मिशयल फार्मिंग. इसलिए ये बहुत ही जरूरी है कि चूजों का खास ख्याल रखा जाए. चूजों को पहले दिन से सही तरह से देखभाल की जरूरत होती है. क्योंकि यही वो चूजें हैं जो आगे चलकर पोल्ट्री फॉर्मर्स को कमाई कराते हैं. एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर देखभाल में लापरवाही की जाती है तो फिर चूजों की ग्रोथ अच्छी नहीं होती है. वो बेहतर प्रोडक्शन नहीं कर पाते हैं. इससे पोल्ट्री फार्मिंग में फायदे की जगह नुकसान होने लग जाता है.

ये बात सच है कि पोल्ट्री फार्मिंग में चूजों की अच्छी तरह से देखभाल की जाना चाहिए. हालांकि उसका तरीका जानना भी बेहद जरूरी है. क्योंकि एक्सपर्ट द्वारा बताये गये तरीकों से अगर देखभाल की जाए तो फिर फायदा ज्यादा होगा. आइये इसके बारे में जानते हैं.

चूजों की देखभाल कैसे की जाए
चूजे प्राप्त करने से पहले दड़बे में कीटाणु नाशक दवाओं से अच्छी तरह धो दें. दीवारों पर भी छिड़‌काव करें. जिससे सब बैक्टीरिया मर जाएं. दूसरा सबसे जरूरी काम ये है कि चारो ओर चिक गार्ड लगावा दें. वहीं आठ दस दिन बाद चिक गार्ड हटा देना जरूरी होता है. ताकि चूजों को घूमने का स्थान मिल जाए. वहीं चूजों के आने से 12 घंटे पहले ब्रूडर में लालटेन या बिजली के बल्ब जलाना बेहद ही जरूरी काम होता है. इससे जहां पर चूजे रखने हैं वो इलाका गर्म हो जाएगा. हमेशा ही इस बात का ख्याल रखें कि चूजे ऐसी हैचरी से खरीदें, जहां बीमारियों का कोई खतरा न रहा हो. ये बात भी जान लें कि चूजों को सही ताप व गर्मी की जरूरत रहती है. यदि दड़बे में चूजे दीवार की ओर रहते हैं तो ब्रूडर में अधिक गर्मी है इसलिए ब्रूडर की गर्मी थोड़ी कम कर देनी चाहिए. यदि ब्रूडर में चूजे एक स्थान पर रहें तो फिर ब्रूडर की गर्मी बढ़ा दें.

कितना फीड खात हैं चूजे, जानें यहां
पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि आमतौर पर मुर्गी पालन में 70 प्रतिशत फीसदी का खर्च फीड पर ही होता है. कोशिश करें कि हमेशा ही साफ और संतुलित फीड चूजों को दिया जाए. ये भी जान लें कि बाजार में उम्र के लिहाज से फीड मिलता है जो खरीदकर आप चूजों को दे सकते हैं. ये ख्याल रखें कि फीड नमी में रखा हो. इससे फीड में फफूंद लग जाएगी और इसे खाने से मुर्गियां बीमार हो सकती हैं. कोशिश करें कि जितना फीड लाएं उसे खत्म कर लें और फिर दूसरा लाएं. ज्यादा स्टोर करने से ये खराब हो सकता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि एक चूजे को मुर्गी बनने के लिए लगभग 13 किलो दाने की जरूरत होती है. एक मुर्गी दिन भर में लगेभग 100-120 ग्राम दाना रोज खाती है. इस लिहाज से देखा जाए तो साल भर में लगभग 40 किलो दाना खाती है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पोल्ट्री के इस बिजनेस में कई ऐसी नस्ल हैं, जो अच्छा अंडे का उत्पादन करती हैं और उनका मीट भी बेहद पसंद किया जाता है.
पोल्ट्री

Poultry Disease: रानीखेत बीमारी में रोकथाम है जरूरी, अंडा उत्पादन हो प्रभावित तो समझ लें आ गया खतरा

नई दिल्ली. मुर्गी पालन जहां स्वारोजगार का एक बेहतरीन माध्यम है तो...

रोगी पक्षियों के पंख बिखरे-बिखरे व लटके रहते हैं और कॉम्ब पर पीलापन नजर आता है.
पोल्ट्री

Poultry Farming: गर्मी में आपके भी पोल्ट्री फार्म पर मंडरा रहा है खतरा, बचाव का तरीका तुरंत अपनाएं

नई दिल्ली. गर्मी के मौसम में पोल्ट्री फार्म को सुरक्षित और उत्पादनशील...

Backyard poultry farm: know which chicken is reared in this farm, livestockanimalnews
पोल्ट्री

Poultry News: सिर्फ 11 हजार रुपए से शुरू कर सकते हैं देसी मुर्गी पालन

नई दिल्ली. सिर्फ 11 हजार रुपए लगाकर मुर्गी पालन शुरू किया जा...