Home मछली पालन Fish Farming: छोटे तालाब में इस मछली से शुरू करें फिश फार्मिंग, 8 महीने में ही तैयार हो जाएगी फसल
मछली पालन

Fish Farming: छोटे तालाब में इस मछली से शुरू करें फिश फार्मिंग, 8 महीने में ही तैयार हो जाएगी फसल

fish farming
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मछली पालन करके आप अच्छी कमाई कर सकते हैं. इसके लिए सबसे अहम चीज है कि आपको फिश फार्मिंग से जुड़ी तमाम जानकारी होनी चाहिए. अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेकर मछली पालन करते हैं तो नुकसान का खतरा कम हो जाएगा. जबकि फायदे का चांस ज्यादा बढ़ जाएगा. आप पंगेसियस मछली पालन से फिश फार्मिंग की शुरुआत करना चाहते हैं तो यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है. पंगेसियस मछली को पिंजरे में भी पाला जा सकता है और इस छोटे तालाबों में भी पाला जा सकता है. जिसमें अच्छी ग्रोथ हासिल होती है.

पंगेसियस मछली से फिश फार्मिंग की शुरुआत करने के लिए आप एक हजार से 1500 बीज तालाब में डाल दें. इसके बाद आपका बीज एक किलो तक का हो जाए तो इसे आप सेल कर दें. शुरुआत में आप कम से भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं. जिससे आपको बेहतर नतीजा देखने को मिल सकता है. बताते चलें कि पंगेसियस ऐसी मछली है, जिसमें ज्यादा इन्वेस्ट की जरूरत पड़ती है. एक पंगेसियस मछली को तैयार करने में तकरीबन 80 रुपये का खर्च आ जाता है. इसलिए जरूरी है कि किसी एक्सपीरियंस व्यक्ति से भी इस बारे में रायशुमारी करते रहें. इससे मछली पालन में नुकसान का खतरा कम हो जाएगा.

क्या है पंगेसियस मछली की खासियत
बात की जाए पंगेसियस मछली की खासियत की तो इसमें प्रोटीन, ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन डी, विटामिन बी12 और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं. उनकी मांग घरेलू और विदेशी बाजारों में ज्यादा है. पंगेसियस मछली की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी होती है और यह कम ऑक्सीजन में भी खुद को जिंदा रख लेती है. इसलिए तालाब में एरिऐशन का खर्चा भी बच जाता है. वहीं इस मछली की खासियत यह भी है कि तेजी के साथ बढ़ती है और कृत्रिम भोजन भी इसे आसानी से खिलाया जा सकता है. पंगेसियस मछली का शरीर चांदी जैसा चमकीला होता है और इसे स्थानीय बाजारों में स्थानीय से बेचा जा सकता है.

बहुत तेजी से होती है ग्रोथ
पंगेसियस मछली की घरेलू और विदेशी दोनों बाजार में अच्छी खासी डिमांड है. पंगेसियस मछली होलसेल में करीब 100 रुपये किलो में आसानी से बेची जा सकती है. जबकि रिटेल में 150 रुपये दाम मिल जाता है. इसकी कीमत इस बात पर भी निर्भर करती है कि इसका साइज कितना बड़ा है और कहां से खरीदी गई है. पंगेसियस मछली के बारे में कहा जाता है कि मीठे पानी की मछली है और यह दुनिया के तीसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की मछली है. 6 से 8 महीने में ही है एक किलो तक अपना वजन हासिल कर लेती है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fisheries: मछली पालन में छोटी सी गलती पूरे कल्चर कर देती है खराब

नई दिल्ली. फिश एक्सपर्ट का मानना है कि मछली पालन एक ऐसा...

मछली के तालाब में चूना पोषक तत्व होता है, ये कैल्शियम उपलब्ध कराने के साथ जल की अम्लीयता को कंट्रोल करता है.
मछली पालन

Fish Farming: मछली के बच्चों की ग्रोथ के लिए पहले दिन पौष्टिक फीड खिलाना है जरूरी

नई दिल्ली. मछली पालन में भी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना पड़ता...

Further, necessary provisions are made by the State Government in their respective Marine Fishing Regulation Acts Rules (Amendments) for the installation of Turtle Excluder Devices (TED) for the protection of sea turtles.
मछली पालन

Fisheries: 39 हजार करोड़ खर्च करके फिशरीज सेक्टर को सरकार ने बनाया मजबूत

नई दिल्ली. भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है....