Home मछली पालन Fisheries: 58 लाख मीट्रिक टन समुद्री मछली का उत्पादन करता है देश, 50 लाख मछुआरों की चलती है आय
मछली पालन

Fisheries: 58 लाख मीट्रिक टन समुद्री मछली का उत्पादन करता है देश, 50 लाख मछुआरों की चलती है आय

1.2 million fisher households nationwide bringing in real-time validation.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. भारत के पास लगभग 11,099 किमी की लंबी तटरेखा और लगभग 24 लाख वर्ग किमी के यूनीक आर्थिक क्षेत्र से समर्थित एक विशाल और विविध समुद्री संसाधन आधार है. भारत के ईईजेड के भीतर समुद्री मछली पकड़ने की क्षमता लगभग 58.6 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है, जो लगभग 50 लाख मछुआरों की आजीविका का साधन है और खाद्य सुरक्षा, पोषण, रोजगार, आय सृजन तथा निर्यात राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देती है. भारत मौजूदा वक्त में वैश्विक स्तर पर अग्रणी मत्स्य पालन और जलीय कृषि उत्पादक देशों में शामिल है और इसने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 73,890 करोड़ रुपए मूल्य के समुद्री खाद्य का निर्यात किया है.

ज्यादातर छली पकड़ने की गतिविधियां तट से 40-50 नॉटिकल मील के अंदर केंद्रित है, जबकि गहरे पानी और राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर के क्षेत्र उच्च मूल्य वाली प्रजातियों, विशेष रूप से टूना और इसके जैसी मछलियों के लिए बड़े अवसर प्रदान करती है. टिकाऊ समुद्री मत्स्य पालन के रणनीतिक महत्व को पहचानते हुए, भारत सरकार ने भारतीय आईजेड और गहरे समुद्र से मत्स्य पालन के लिए एक सक्षम ढांचा अधिसूचित किया है. जिसमें ‘भारतीय ध्वज वाले मछली पकड़ने वाले जहाजों द्वारा गहरे समुद्र में मत्स्य पालन के लिए दिशा-निर्देश, 2025 शामिल है.

मजबूत ढांचा लाने है जरूरत
समुद्री मत्स्य पालन के रणनीतिक महत्व को पहचानते हुए, भारत सरकार ने केन्द्रीय बजट 2025-26 में भारतीय ईईजेड और गहरे समुद्र से मत्स्य पकड़ने के लिए एक मजबूत ढांचा लाने के अपने इरादे की घोषणा की थी.

इसमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप जैसे द्वीप क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जो मिलकर भारत के कुल ईईजेड क्षेत्र का लगभग 49 प्रतिशत हैं.

यह घोषणा समुद्री मत्स्य पालन क्षेत्र की अप्रयुक्त क्षमता का लाभ उठाने के साथ-साथ स्थिरता, निष्पक्षता, राष्ट्रीय समुद्री हितों और मत्स्य पालक समुदायों की दीर्घकालिक आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

इस विजन को अपनाने में, 9 दिसंबर, 2025 को ‘भारतीय ध्वज वाले मछली पकड़ने वाले जहाजों द्वारा गहरे समुद्र में मत्स्य पालन के लिए दिशा-निर्देश, 2025 अधिसूचित किए गए थे.

ये दिशा-निर्देश भारत के ईईजेड से परे, हाई-सीज में भारतीय ध्वज वाले जहाजों द्वारा अधिकृत, विनियमित और जिम्मेदार रूप से मछली पकड़ने को सक्षम बनाने के लिए एक ऐतिहासिक नीतिगत पहल है.

यह ढांचा राष्ट्रीय कानूनों, अंतरराष्ट्रीय दायित्वों और संरक्षण आवश्यकताओं के साथ पूरी तरह से जुड़े रहते हुए, राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर के क्षेत्रों में उच्च मूल्य वाले समुद्री मत्स्य पालन में भारत की भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

The States and UTs have been advised to implement the clusters based approach for development of fisheries and aquaculture. Based on the request received from the Andaman and Nicobar Administration, development of Tuna fisheries cluster in Andaman & Nicobar Islands has been notified under PMMSY.
मछली पालन

Fish Farming: सर​कार ने कहा ट्रॉलरों से पकड़ी जाने वाली मछलियों की मात्रा में नहीं आई है कोई कमी

नई दिल्ली. सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) को 2021-25 के दौरान...

fish farming in pond
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries: PMMSY के तहत महिला मछली किसानों को इसके खर्च पर 60 फीसद हिस्सा खुद देगी सरकार

नई दिल्ली. महिलाओं के रोजगार और आजीविका संबंधी आवश्यकताओं को प्रधानमंत्री मत्स्य...

Interim Budget 2024
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries: 12 इंटरग्रेटेड एक्वा पार्क को पीएमएमएसवाई के तहत मिली मंजूरी

नई दिल्ली. मत्स्य पालन विभाग (डीओएफ), मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय...