नई दिल्ली. बरसात का मौसम आ चुका है. ऐसे में बकरी पालकों को होशियार हो जाने की जरूरत है. क्योंकि बकरियों को बरसात के मौसम में कई तरह की परेशानियां होती हैं. जिससे बकरियों को बचाना बेहद जरूरी है. अगर बरसात में बकरियों की हिफाजत नहीं की गई तो फिर बकरी बीमार पड़ सकती है और बीमारी के चलते उसकी मौत भी हो सकती है. इससे उत्पादन तो प्रभावित होगा ही, वहीं बकरी के मर जाने से बकरी पालकों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसे में बरसात के वक्त क्या सावधानियां बरतना है. यह बात बकरी पालकों को जरूर पता होनी चाहिए.
अगर आप बकरी पालक हैं तो यह रिपोर्ट आपके लिए है. क्योंकि यहां हम आपको बताएंगे कि बरसात में बकरी पालन के दौरान क्या सावधानियां बरतनी की जरूरत होती है. मुख्य रूप से पांच सावधानियां अगर आपने अंजाम दे ली तो फिर बकरी पालन के काम में नुकसान से खुद को बचा पाएंगे.
क्या करना है, यहां पढ़ें बकरी पालक
गोट एक्सपर्ट का कहना है कि बकरी पालन के दौरान बरसात में हर बकरियों के शेड को सूखा रखना चाहिए. गीला शेड बकरियों को बीमार कर सकता है. इससे आपको नुकसान होगा.
इसी तरीके से बकरियों को कीचड़ से बचाना बेहद जरूरी है. कई बार शेड में बरसात की वजह से कीचड़ हो जाता है. ऐसे में साफ सफाई का मुकम्मल ध्यान रखना जरूरी है.
बरसात के दौरान कीचड़ आदि से बकरियों के खुर में गंदगी लग जाती है. मामूली गंदगी आगे चलकर खुर में इंफेकशन ला सकती है. इसलिए खुर की नियमित रूप से सफाई करते रहें.
बरसात में परजीवी यानी कीड़ों की समस्या भी बेहद ज्यादा रहती है. ऐसे में कीड़ों को नियंत्रित करने के लिए जो दवाएं उपलब्ध होती हैं. उनका छिड़काव शेड में करते रहें.
बरसात के दौरान चारे में फफूंद लगने की समस्या आम बात है. ऐसे में जब भी पशु को चारा खिलाएं तो इस बात का ख्याल रखें कि उसके अंदर फफूंद न लगा हो. चारा बिल्कुल फ्रेश खिलाएं.
निष्कर्ष
गोट एक्सपर्ट कहते हैं कि बकरियों की सही देखभाल ही सुरक्षित बकरी पालन का सबसे जरूरी फार्मूला है. इससे आपको बेहतर मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा. जबकि कोई भी पशुपालक नहीं चाहेगा कि उसे नुकसान हो.












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