Home पोल्ट्री Poultry Farming: देसी मुर्गियों को खिलाएं ये फीड, लागत भी कम आएगी और मुनाफा भी ज्यादा मिलेगा
पोल्ट्री

Poultry Farming: देसी मुर्गियों को खिलाएं ये फीड, लागत भी कम आएगी और मुनाफा भी ज्यादा मिलेगा

poultry farming, poultry feed, marigold, poultry
प्रतीकात्मक

नई दिल्ली. देसी मुर्गियों को अंडों के उत्पादन के साथ-साथ मीट के उत्पादन के लिए भी पाला जाता है. देसी मुर्गियां से अंडा लिया जाता है और उन्हें जरूरत पड़ने पर मीट के लिए भी बेचा जाता है. देसी मुर्गियों को पालने का फायदा भी ज्यादा है. हालांकि बहुत से पोल्ट्री फार्मर इस बात की शिकायत करते हैं कि उनकी देसी मुर्गियों का वजन उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा है. इसलिए उन्हें पोल्ट्री फार्मिंग के काम में ज्यादा फायदा भी नहीं मिल रहा है. हम यहां आपको ऐसे तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे मुर्गियों का वजन जल्दी से बढ़ेगा.

पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर मुर्गियों को कमर्शियल फीड खिलाकर पाला जाता है तो एक 1 किलो तक वजन हासिल करने में उन्हें तकरीबन साढ़े तीन महीने का समय लगता है. जबकि देसी मुर्गियों को ओरिजिनल कमर्शियल फीड नहीं खिलाते हैं और उन्हें देसी तरीके से पालते हैं, उन्हें खुले में छोड़ते हैं. जहां से मुर्गी खुद से जो चाहे चारे के तौर पर खाएं, घर का वेस्टेज और घर का बनाया फीड भी खाएं तो 1 किलो वजन हासिल करने में 5 महीना भी लग सकता है. जिसका सीधा सा मतलब है कि आपको उन्हें ज्यादा दिनों तक फीड खिलाना पड़ेगा और उनकी देखभाल के लिए ज्यादा समय देना पड़ेगा.

कामर्शियल फीड खिलाना चाहिए
देसी मुर्गियों को जल्दी से सेल करने के लिए उन्हें कामर्शियल फीड खिलाना चाहिए. इसमें भी इस बात का ध्यान रखें कि हमेशा ही हमेशा ही अच्छी क्वालिटी का कमर्शियल फीड खरीदें और मुर्गियों को खिलाएं. यदि आप ऐसा करते हैं तो साढ़े तीन महीने में ही मुर्गियों का वजन अच्छी सी तरह से बढ़ जाएगा. हालांकि इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि बर्ड के लिए दो तरह का फीड खरीदा जाता है. ब्रॉयलर मुर्गों को अलग फीड खिलाया जाता है. वहीं देसी मुर्गियों के लिए अलग फीड आता है. ब्रॉयलर मुर्गों के लिए आने वाला फीड खिलाया जाए तो इससे उनका वजन तेजी से बढ़ता है. क्योंकि उसमें पोषक तत्वों की मात्रा ज्यादा होती है. वहीं इसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल की मात्रा भी ज्यादा होती है. इसकी वजह से बर्ड तेजी से ग्रोथ हासिल करती हैं.

इस फीड को खिलाना चाहिए
ब्रॉयलर मुर्गों के लिए आने वाले फीड में पोषक तत्व ज्यादा होते हैं. इसलिए इसका दाम भी ज्यादा होता है. इस वजह से कई बार पोल्ट्री फार्मिंग के काम में मुनाफा घट जाता है. क्योंकि लागत फीड पर ज्यादा आ जाती है. इसलिए देसी मुर्गियों के लिए जो फीड आता है. वही फीड उन्हें खिलाना चाहिए. देसी मुर्गियों के लिए आने वाले 50 किलो के फीड की कीमत तकरीबन 2 हजार रुपए होती है. अगर यही फीड मुर्गियों खिलाते हैं तो साढ़े तीन महीने में उनका वजन बढ़ जाएगा और 1 किलो तक वजन हासिल कर लेंगी. इससे लागत भी ज्यादा नहीं आती और मुनाफा भी ज्यादा मिलता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Backyard poultry farm: know which chicken is reared in this farm, livestockanimalnews
पोल्ट्री

Poultry Farming: फीड खिलाने में बरते सावधानी, आलू भी मुर्गियों को पहुंचा सकता है नुकसान

नई दिल्ली. आमतौर पर एक पोल्ट्री फार्मर ये चाहता है कि पोल्ट्री...

Poultry farming: Not only airborne infections, but also water can spread disease in chickens, Livestocknews.com
पोल्ट्री

Poultry: गर्मी में मुर्गियों को दिन में फीड खिलाने से बचें, ज्यादा पानी पिलाएं

नई दिल्ली. गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है. ऐसे में मुर्गे और...

bird flu, poultry, livestock animal news
पोल्ट्री

Poultry Farming: गर्मी में मुर्गियां सीआरडी की हो जाती हैं शिकार, बचाव न करने पर होता है बड़ा नुकसान

नई दिल्ली. गर्मी के महीनों में मुर्गियों को बीमारियां बहुत परेशनी करती...