नई दिल्ली. यदि आप देसी मुर्गी पालन कर रहे हैं और उन्हें फ्री रेंज के तहत पालना चाहते हैं तो ये एक बेहतर फैसला हो सकता है. क्योंकि इससे मुर्गियों को कई फायदा होता है, जिससे मुर्गी पालन में भी आपको फायदा होगा लेकिन इसमें कुछ बातों का ध्यान भी रखना पड़ता है. जैसे 50 से ज्यादा मुर्गियों को पालने पर उन्हें फ्री रेंज में छोड़ने के दौरान जालीदार दीवारों से कवर करना चाहिए. ताकि मुर्गियां इधर-उधर ना जाएं और इससे शिकारी जानवरों से भी मुर्गियों की हिफाजत की जा सकती है.
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया कि जब मुर्गियों को फ्री रेंज में चरने की वजह से भरपूर चारा मिलता है. वह कीड़े-मकोड़े और घास आदि को खाती हैं. इससे उनकी ग्रोथ बेहतर होती है. जिसका फायदा देसी मुर्गी के पालन में आपको होता है.
फ्री रेज के फायदे क्या हैं
यदि आप मुर्गियों को बाहर फ्री रेंज में छोड़ते हैं तो सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि मुर्गियों का स्ट्रेस कम होता है और उनमें ज्यादा बीमारियां भी नहीं आती हैं.
जब मुर्गियां बाहर इधर-उधर दौड़ती हैं तो उनकी एक्सरसाइज भी हो जाती है. इसकी वजह से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है. इसलिए मुर्गियों पर बीमारियां अटैक नहीं कर पाती हैं.
इसके अलावा मुर्गियों के पंख बहुत ज्यादा मजबूत हो जाते हैं और पंख में शाइनिंग आ जाती है. जिसकी वजह से मुर्गियों का अच्छा दाम मिलता है.
अगर मुर्गियों को फॉर्म के अंदर पालते हैं तो खर्चा ज्यादा हो जाता है. वहीं इससे मुर्गियों के पंख में भी ज्यादा चमक नहीं आती है. इसकी वजह से बहुत से व्यापारी मुर्गियों को नहीं खरीदते हैं.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप देसी मुर्गियों में सोनाली, कड़कनाथ या अन्य मुर्गियों का पालन करते हैं तो उनको फ्री रेंज में ही पालना चाहिए. ऐसा करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि फीड पर आने वाला खर्च कम हो जाएगा. वहीं मुर्गियों को बाहर ऐसा फीड मिलेगा, जिससे उनकी ग्रोथ अच्छी होगी. जब आपका खर्चा कम होगा और मुर्गियों की ग्रोथ अच्छी होगी तो इससे आपको ज्यादा मुनाफा मिलेगा.












