नई दिल्ली. पशुपालन करने वाले पशुपालक भाइयों के साथ कभी न कभी ये घटना हुई ही होगी कि दूध दूहने के दौरान पशु ने लात चला दी. इससे दूध का नुकसान तो होता ही है, साथ ही पशुपालक को चोट भी लग जाती है. इस वजह से पशु का लात मारना हर तरह से नुकसानदेह है. पशुपालन के एक्सपर्ट की मानें तो पशु का लात मारना कई बार पशुपालकों की गलती और कई बार उन्हें किसी तरह की तकलीफ की वजह से भी होता है. ऐसे में यदि आपको भी पशु लात मारे तो इससे परेशान न हों, पहले ये जानने की कोशिश करें कि ऐसा क्यों हुआ है.
पशुपालन के एक्सपर्ट का कहना है कि कई बार पशु के थन में सूजन आ जाती है, इसकी वजह से ऐसा होता है. जबकि कई बार वजह अलग होती है. ऐसे में पशुपालकों के लिए ये जानना बेहद ही जरूरी है कि पशु के लात मारने की वजह क्या है और इस समस्या से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है.
लात मारने की क्या है वजह
कई बार पशु को दर्द होता है या थन पें सूजन आ जाती है, तब ऐसा होता है.
वहीं पशु कई बार डर जाता है या तेज आवाज की वजह से भी ऐसा होता है.
पहली बार ब्याने वाली गाय और भैंस भी दूध दूहते वक्त लात मारती है. क्योंकि उसकी आदत नहीं होती है.
गलत तरीके से यदि दूथ निकाला जाता है तो भी पशु लात मारते हैं.
थन में चोट या कीड़े की वजह से भी लात मारना आम बात है.
खून आना या बेचैनी भी लात मारने की वजहों में से एक है.
लात मारे तो क्या करें
पशु की लात मारने से बचना है तो शांत माहौल रखें.
थन साफ कर मालिश करें.
समय—समय पर दर्द की जांच करें.
पशु को सही खुराक और सही तरह से पानी दें
नियनित समय पर टूथ निकालते रहें.
क्या न करें
पशु को मारे या डराएं नहीं, नहीं तो समस्या दूर नहीं होगी.
जबरदस्ती या तेज हाथ से दूथ न निकालें.
यदि समस्या फिर भी बनी रहे तो डॉक्टर को दिखाएं.












