नई दिल्ली. अगर आप पशुपालन कर रहे हैं और गाय या भैंस बछिया को जन्म देती है तो ये बछिया आगे चलकर आपकी कमाई बढ़ा देगी. क्योंकि बछिया आगे चलकर एक दुधारू पशु बनेगी और दूध उत्पादन करके डेयरी फार्मिंग में काफी फायदा पहुंचाएगी. क्योंकि डेयरी का बिजनेस काफी हद तक दूध उत्पादन पर टिका होता है और जितना ज्यादा दूध का उत्पादन होता है, उतना ही ज्यादा मुनाफा डेयरी फार्मर को मिलता है. हालांकि ये इतना आसान भी नहीं है. बछिया से दूध लेने के लिए उसकी सही से देखभाल भी जरूरी है.
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि बछिया की सही से देखभाल करने से जहां वो आगे चलकर ज्यादा दूध का उत्पादन करेगी तो वहीं देखभाल में लापरवाही से बछिया दूध का उत्पादन सही से नहीं कर पाएगी. ये भी हो सकता है कि वो दूध का उत्पादन कर ही न पाए. इसलिए एक्सपर्ट कहते हैं कि बछिया को सही ढंग से पालें ताकि आपको फायदा मिल सके.
खान-पान और पोषण (Feeding) का रखें ख्याल
खीस (Colostrum) पिलाएं. जन्म के पहले 1-2 घंटे के भीतर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. इसलिए इसे जरूर पिलाएं.
काफ स्टार्टर 2 सप्ताह की उम्र से थोड़ा-बड़ा होने पर 18-20 फीसद पिलाना शुरू कर दें.
संतुलित आहार जरूरी है. पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, सुखा भूसा और पचने वाला पशु आहार जरूर दें.
खनिज मिश्रण भी दें. रोजाना 25-50 ग्राम हड्डियों की मजबूती और समय पर गर्मी (Heat) में आने के लिए जरूरी है.
स्वास्थ्य प्रबंधन (Health Care) का ऐसे रखें ख्याल
पेट के कीड़े के लिए पहले 6 महीने तक हर महीने फिर इसके बाद 3-4 महीने में दवा पिलाएं. इससे कीड़े नहीं होंगे.
टीकाकरण (Vaccination) जरूर से कराएं. समय-समय पर खुरपका-मुंहपका (FMD), गलघोंटू (HS) और ब्रुसेलोसिस (Brucellosis) के टीके लगवाएं. इन बीमाररियों से बचाव तभी हो जाएगा.
वजन और विकास (Growth Monitoring) भी है जरूरी
मासिक वजन जरूर चेक करें. हर महीने बछिया का वजन मापें. उसका वजन हर हाल में बढ़ना चाहिए. जिससे पता चलेगा कि वो हैल्दी है.
गर्भधारण की बात करें तो जब वजन वयस्क का लगभग 60-70 फीसद यानि लगभन 250-300 किलो हो जाए तो बछिया को गाभिन कराएं.
डेयरी फार्म की बनावट कैसी होनी चाहिए
डेयरी फार्म में साफ-सफाई का सही से ध्यान दें. फार्म हवादार होना चाहिए. फार्म सूखी जगह पर बनाएं. इससे बीमारियों का खतरा कम हो जाएगा.
निष्कर्ष
पशु को हर समय पर्याप्त और साफ पानी पिलाना चाहिए. यदि आप ये काम करते हैं तो इससे पशुपालन में आपको फायदा होगा.










