नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के प्रयासों की वजह से मिजोरम में डेयरी सेक्टर मजबूत हो रहा है. इसे और ज्यादा मजबूती देने के लिए मिजोरम सरकार के चीफ सेक्रेटरी और एनडीडीबी के चेयरमैन के बीच मुलाकात हुई. जहां मवेशियों को लाने और हरे चारे को बढ़ावा देने की जरूरत पर गहन चर्चा हुई है. एनडीडीबी अब इन दोनों कामों पर फोकस के साथ काम कर सकता है. वहीं उत्तर पूर्वी राज्यों की तर्ज पर मिजोरम में डेयरी विकास होगा. बताते चलें कि NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी शाह ने MINECO, आइजोल में मिजोरम सरकार के चीफ सेक्रेटरी खिल्ली राम मीना से मुलाकात की.
इस मौके पर मिजोरम सरकार के कोऑपरेशन डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी-कम-कमिश्नर श्री उदित प्रकाश राय, मिजोरम सरकार के एनिमल हसबेंडरी एंड वेटरनरी डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी लालसांगलियाना, एनडीडीबी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एस राजीव, मिजोरम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (MULCO) के चेयरमैन और NDDB, कोलकाता के रीजनल हेड भी मौजूद थे. मीटिंग के दौरान, डॉ. शाह ने NDDB के काम और मौजूदा पहलों के बारे में भी बताया.
प्रोडक्टिविटी बढ़ाने पर भी दिया जोर
इन पहलों में कोऑपरेटिव के नेतृत्व में डेयरी विकास, प्रोडक्टिविटी बढ़ाना, पशु स्वास्थ्य और पोषण में सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण, डिजिटाइजेशन, सस्टेनेबिलिटी पहल और कोऑपरेटिव का विस्तार शामिल था.
उन्होंने असम सहित विभिन्न राज्यों में डेयरी कोऑपरेटिव को फिर से शुरू करने में NDDB के अनुभव को भी साझा किया.
साथ ही चीफ सेक्रेटरी को व्हाइट रिवॉल्यूशन 2.0 के तहत अन्य उत्तर पूर्वी राज्यों में चल रहे डेयरी विकास के कामों के बारे में बताया और समझाया कि उन्हें मिजोरम में कैसे लागू किया जा सकता है.
चीफ सेक्रेटरी ने NDDB के योगदान की सराहना की और मिजोरम में डेयरी उत्पादों की मजबूत मांग को स्वीकार किया, जिसे मौजूदा कोऑपरेटिव सिस्टम पूरी तरह से पूरा नहीं कर पा रहा है.
उन्होंने मवेशियों को लाने और हरे चारे को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे डॉ. शाह सहमत थे कि ये डेयरी विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं और मिजोरम के लिए व्यापक डेयरी विकास योजना का एक अभिन्न अंग हैं.
चीफ सेक्रेटरी ने NDDB, एनिमल हसबेंडरी एंड वेटरनरी डिपार्टमेंट और मिजोरम सरकार के कोऑपरेशन डिपार्टमेंट के बीच मजबूत सहयोग का सुझाव दिया.
वहीं दूसरी ओर NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी शाह ने NDDB के सीनियर अधिकारियों के साथ, NDDB, आनंद में पेरू के पशु प्रजनन विशेषज्ञों से मुलाकात की.
जहां डॉ. शाह ने भारत और पेरू की छोटे किसानों पर आधारित डेयरी प्रणालियों के बीच समानताओं पर प्रकाश डाला, उत्पादकता बढ़ाने, स्थिरता और सहकारी संस्था-निर्माण में NDDB के हस्तक्षेपों के बारे में बताया.
साथ ही और समान डेयरी प्रणालियों वाले देशों को समर्थन देने के लिए भारत सरकार और NDDB की प्रतिबद्धता को दोहराया.










