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NDDB के चेयरमैन ने कहा- विटामिन A और D से भरपूर दूध बच्चों में माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी कर सकता है दूर

बच्चों के साथ मौजूद एनडीडीबी के चेयरमैन.

नई दिल्ली. नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी शाह ने गुजरात के आणंद जिले के अंकलाव के मनपुरा प्राइमरी स्कूल में NDDB फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन (NFN) के नए गिफ्ट मिल्क प्रोग्राम का उद्घाटन किया. लोगों को संबोधित करते हुए, डॉ. शाह ने बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करने के लिए प्रोटीन, विटामिन और ज़रूरी मिनरल वगैरह से भरपूर बैलेंस्ड न्यूट्रिशन से भरपूर खाने की अहमियत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि विटामिन A और D से भरपूर दूध बच्चों में माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी को असरदार तरीके से दूर कर सकता है.

इस मौके पर IDMC लिमिटेड के MD श्री प्रकाश माहेश्वरी, मनपुरा गांव की सरपंच लीलाबेन पढियार, आनंद के डिप्टी डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर तेजेंद्रसिंह सोलंकी, मनपुरा DCS की चेयरमैन संगीताबेन मकवाना, NDDB के SGM डॉ. वी. श्रीधर और आनंद के ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर श्री ईश्वरभाई प्रजापति मौजूद थे. एनड

ढाई हजार बच्चों को होगा फायदा
बताते चलें कि NDDB की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी IDMC लिमिटेड के CSR सपोर्ट से NFN अगस्त 2016 से गिफ्टमिल्क प्रोग्राम चला रहा है.

अभी इससे 22 से ज़्यादा स्कूलों के 3,500 से ज़्यादा बच्चों को फायदा हो रहा है. इस नए प्रोग्राम के साथ, अंकलाव और बोरसाद तालुका के 18 सरकारी स्कूलों के 2,550 और बच्चों को फायदा होगा.

इसी तरह के कामों से मिले अच्छे नतीजों के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें ग्रोथ पैरामीटर और स्कूल अटेंडेंस में सुधार शामिल है.

उन्होंने बताया कि NFN के ज़रिए, देश भर में हर दिन लगभग 1.5 लाख बच्चों को दूध दिया जाता है.

अमूल डेयरी से मिलने वाला दूध, जिसमें विटामिन A और D और जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, बच्चों की ग्रोथ, इम्यूनिटी और सीखने के नतीजों में मदद करेगा.

जैसे-जैसे रिसोर्स बढ़ेंगे, प्रोग्राम का विस्तार होता रहेगा, जिससे बच्चों के कुपोषण को दूर करने की साझा सामाजिक ज़िम्मेदारी और मज़बूत होगी.

खास लोगों ने स्कूल में पेड़ भी लगाए, जिससे हेल्थ, सस्टेनेबिलिटी और कम्युनिटी की भागीदारी का मैसेज दिया गया.

डेयरी किसानों को दी ट्रेनिंग
दूसरी ओर ईस्टर्न रीजनल डेमोंस्ट्रेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर (ERDTC)–NDDB, सिलीगुड़ी ने सिक्किम मिल्क यूनियन द्वारा स्पॉन्सर किया गया पांच दिन का डेयरी एनिमल मैनेजमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया.

इस प्रोग्राम में कुल 37 डेयरी किसानों ने हिस्सा लिया, जिसका मकसद साइंटिफिक डेयरी फार्मिंग में उनके ज्ञान और प्रैक्टिकल स्किल्स को मजबूत करना था.

ट्रेनिंग प्रोग्राम में साइंटिफिक ब्रीडिंग, बैलेंस्ड फीडिंग, बीमारी की रोकथाम, साफ दूध का प्रोडक्शन, बछड़े का मैनेजमेंट, कोऑपरेटिव प्रिंसिपल्स, डिजिटल एक्सटेंशन टूल्स का इस्तेमाल, रिकॉर्ड कीपिंग, ईयर टैगिंग का महत्व, हाउसिंग मैनेजमेंट और डेयरी जानवरों के लिए एनिमल इंश्योरेंस जैसे खास एरिया पर फोकस किया गया.

Written by
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