नई दिल्ली. सरकारें पशुपालन को बढ़ावा देने का काम कर रही हैं. ताकि देश के किसानों की इनकम बढ़ाने के अपने वादे को पूरा कर सकें. इसी कड़ी हरियाणा सरकार की ओर से भी एक योजना की शुरुआत की गई है. जो साल 2026-27 के लिए लागू की गई है. असल में हरियाणा सरकार की तरफ से हरियाणा में वर्ष 2026-27 के लिए स्वदेशी गायों और मुर्रा भैंस विकास के संरक्षण और विकास की योजना बनाई गई है. जिसका फायदा सीधे पर तौर किसानों को होगा और इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी.
हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से स्वदेशी गायों और मुर्रा भैंस विकास के संरक्षण और विकास के लिए डेयरी किसानों के बैंक खाते में हस्तांतरण यानि (DBT) प्रोत्साहन दिया जाएगा. हरियाणा गाय, साहीवाल, बेलाही गाय और मुर्रा भैंस के लिए प्रोत्साहन राशि की योजना लाई गई है. आइए जानते हैं कि किस पशु के लिए कितने किलो ग्राम दूध पर कितनी प्रोत्साहन राशि मिलेगी.
किस पशु के लिए कितनी प्रोत्साहन राशि मिलेगी
हरियाणा गाय के लिए 8 से 10 किग्रा दूध पर 15,000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
वहीं ये गाय अगर 10 से 12 किलोग्राम दूध देती है तो 20,000 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी.
जबकि 12 किलो से ऊपर दूध देने पर सरकार 25,000 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में देगी.
साहीवाल गाय अगर 10 से 12 किग्रा दूध देती है तो 15,000 रुपये प्रोत्साहन राशि सरकार देगी.
ये गाय अगर 12 से 15 किग्रा दूध देती है तो प्रोत्साहन राशि 20,000 रुपये मिलेगी.
जबकि 15 किलो से ऊपर दूध देने वाली गाय के मालिक को 25,000 रुपये मिलेगा.
इसी तरह बेलाही गाय यदि 5 से 8 किग्रा दूध देती है तो 5,000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
8 किग्रा से 10 किग्रा दूध देती है तो 10,000 रुपये और 10 किलो से ऊपर दूध देती है तो 15,000 रुपये मिलेंगे.
मुर्रा भैंस के लिए 18 से 22 किग्रा दूध देने पर 20,000 रुपये, 22 किग्रा से 25 किग्रा दूध 30,000 रुपये मिलेगा.
जबकि 25 किलो से ऊपर दूध देने वाली मुर्रा भैंस को 40,000 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी.
शर्तें
केवल उपरोक्त सूचीबद्ध नस्लों के शुद्ध नस्ल पशु ही पात्र हैं.
आवेदन ब्याने के बाद अधिकतम समय 5 दिन से 90 दिन के बीच होना चाहिए.
वर्ष 2026-27 में प्रति परिवार पहचान पत्र अधिकतम 4 पशु पात्र होंगे.
किसी विशेष पशु के लिए प्रोत्साहन, पशु के जीवन काल में केवल 3 बार (कुल 3 ब्यांत में) प्रदान किया जा सकता है, प्रति ब्यांत में केवल एक बार हो.
पशु मालिक दूध रिकार्डिंग के बाद कम से कम एक वर्ष तक रिकार्ड किए गए पशु और उसके कटड़ा को नहीं बेचेगा.
आवेदन करने की अंतिम तिथि: 15 मार्च 2027 (http://www.saralharyana.gov.in/ पर किया जा सकता है.












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