नई दिल्ली. मणिपुर में मणिपुर मिल्क यूनियन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB के हाथों में है. जब से ये जिम्मेदारी एनडीडीबी ने संभाली है, तब ही से लगातार मणिपुर मिल्क यूनियन में विकास हो रहा है. एनडीडीबी की ओर से इस सेक्टर को राज्य में मजबूत करने के लिए क्या-क्या काम किए जा रहे हैं, इसकी जानकारी देने के मकसद कार्यकारी निदेशक, एस. रेगुपथी ने इम्फाल में मणिपुर के माननीय मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाक़ात की. उन्होंने मुख्यमंत्री को मणिपुर मिल्क यूनियन के कामकाज में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी, जिसका प्रबंधन NDDB ने अप्रैल 2025 से अपने हाथ में ले लिया था.
मुख्यमंत्री को मणिपुर में दूध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मणिपुर मिल्क यूनियन को NDDB द्वारा दिए जा रहे सहयोग के बारे में बताया गया. ‘Revitalising Promising Producers’ Owned Institutions’ (RPPOI) योजना के तहत NDDB से मिली वित्तीय और तकनीकी सहायता से, मिल्क यूनियन के डेयरी प्लांट ने अपने दूध प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया है.
पारदर्शी व्यवस्था तैयार की गई है
इसके अलावा, ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन यूनिट्स और NDERP का इस्तेमाल करके किसानों से दूध इकट्ठा करने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था तैयार की गई है.
डेयरी किसानों को मिल्क यूनियन में दूध देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, क्योंकि उन्हें उनके बैंक खातों के जरिए नियमित रूप से लाभकारी मूल्य का भुगतान किया जाता है.
मुख्यमंत्री ने मणिपुर में डेयरी क्षेत्र के सतत विकास और प्रगति के लिए राज्य सरकार की ओर से निरंतर सहयोग और समर्थन का आश्वासन दिया.
इस बैठक में मणिपुर मिल्क यूनियन के प्रबंध निदेशक, एस. केनेडी सिंह, और मिल्क यूनियन तथा मणिपुर के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.
दूसरी ओर कर्नाटक में NDDB ने विजयपुर-बगलकोट जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक समितियाँ संघ लिमिटेड, विजयपुर, कर्नाटक के निदेशक मंडल के लिए तीन-दिवसीय बोर्ड ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया.
यह संघ कर्नाटक दुग्ध महासंघ (KMF) नंदिनी कॉप से संबद्ध है. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नेतृत्व, शासन पद्धतियों और रणनीतिक समझ को मजबूत करना था.
साथ ही भारत में सहकारी-आधारित डेयरी विकास के प्रति प्रतिभागियों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाना था.
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय डेयरी क्षेत्र की स्थिति, सतत डेयरी सहकारी विकास में NDDB की भूमिका, चारे और पशु आहार की रणनीतिक योजना, डेयरी संयंत्र के संचालन में हुए हालिया विकास और संघ की भौतिक व वित्तीय प्रगति के विश्लेषण पर सत्र आयोजित किए गए.
इन सत्रों में सहकारी मूल्यों और सिद्धांतों, शासन में उत्कृष्टता और दुग्ध संघों में उच्च-निष्पादन वाली कार्य-संस्कृति के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया गया.
व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए, प्रतिभागियों ने मुजकुवा डेयरी सहकारी समिति का दौरा किया, ताकि वे सहकारी नवाचारों और विकास संबंधी पहलों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें.
इस कार्यक्रम के अंतर्गत NDDB की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी IDMC लिमिटेड की यूनिट-VI और आनंद के मोगर स्थित अमूल डेयरी के त्रिभुवनदास फ़ूड कॉम्प्लेक्स का दौरा भी शामिल था.










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