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Fish Farming: वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन करेंगे तो मिलेगा ज्यादा उत्पादन और मुनाफा

अगर आप छोटे गड्ढे में मछली पालन का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपको तालाब के आकार को चुनना होगा. एक से 2000 स्क्वायर फीट के तालाब में आप बढ़िया मछली पालन कर सकते हैं.
तालाब में मछली.

नई दिल्ली. अगर आप वैज्ञानिक ढंग से मछली पालन करते हैं, तभी मछली पालन के काम में सफल हो सकेंगे और ज्यादा फायदा कमा पाएंगे. असल में मछली पालन का काम भी उसी तरीके से है जिस तरह से खेती किसानी का काम है. इसमें भी तालाब का खेत की तरह से ख्याल करना पड़ता है और तकनीकी सहायता से मछलियों का ध्यान रखना पड़ता है. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर मछलियों की जरूरत अच्छे से पूरी होगी वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन करेंगे तो इससे उत्पादन अच्छा मिलेगा और आपको फायदा ज्यादा कमाने का मौका मिलेगा.

फिशरीज एक्सपर्ट का कहना है कि वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन में तालाब की मिट्टी की जांच की जानी चाहिए. इसके अलावा पानी के तापमान और गुणवत्ता का नियंत्रण भी बेहद ही जरूरी है. सही प्रजातियों का चयन बेहद जरूरी है. इसके अलावा प्रोटीन युक्त संतुलित फीड देना भी मछलियों के लिए जरूरी होता है. यह सारी चीजें वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन के तहत आती हैं. इससे मछली पालकों को फायदा होता है.

इन बातों का जरूर रखें ख्याल
वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन करने के लिए तालाब ऐसी जगह पर बनवाएं, जहां पानी की अच्छी निकासी होती हो.

तालाब में मौजूद सदी गली मिट्टी और हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए पोटैशियम परमैग्नेट का उपयोग करना चाहिए.

वहीं समय-समय पर पानी के पीएच मान की जांच करते रहना चाहिए. वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन करने के दौरान पीएच मान 7 से 8.5 के बीच होना चाहिए.

एक ही तालाब में आप मिश्रित मछली का पालन कर सकते हैं. सतह पर रहने वाली मछलियों को पाल सकते हैं.

वहीं बीच में रहने वाली मछलियों और पानी की तली के नीचे रहने वाली मछलियों को भी पालें.

वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन के दौरान तालाब में सीधे चारा फेंकने से मना किया जाता है. बल्कि इसके लिए फीडिंग ट्रे का इस्तेमाल करना पड़ता है.

ऐसा करने से फीड की बर्बादी रुकती है और मछली पालन की लागत कम होती है. वहीं मछलियों द्वारा खा गए फीड की निगरानी भी आसानी से हो जाती है.

Written by
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