Home डेयरी Milk Production: गिर की एचएफ क्रॉस गाय पालिए, एक गाय मुश्किल मौसम में भी देगी 25 लीटर दूध
डेयरी

Milk Production: गिर की एचएफ क्रॉस गाय पालिए, एक गाय मुश्किल मौसम में भी देगी 25 लीटर दूध

This scheme aims at the development and conservation of indigenous breeds, genetic upgradation of bovine population, enhancement of milk production and productivity of bovines thereby making dairying more remunerative to farmers. The following steps have been undertaken under the scheme.
दूध की प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. कई डेयरी फार्मर ऐसे हैं, जो डेयरी फार्मिंग में अच्छी कमाई के लिए एचएफ से क्रॉस गिर गाय को पालकर बढ़िया कमाई कर रहे हैं. क्येांकि भारत में ​जिन इलाकों में भीषण गर्मी (45°C–48°C) पड़ती है. वहां पर गिर और एचएफ के क्रॉस के जरिए दूध उत्पादन बेहतर लिया जा सकता है. जबकि बिना क्रास वाली एचएफ और गिर पालने पर उत्पादन प्रभावित होता है. मान लजिए आपने शुद्ध एचएफ गायों को पालकर रखा है तो ज्यादा गर्मी में उसका दूध घटकर लगभग आधा रह जाता है. वहीं गिर और एचएफ के क्रॉस में गिर गाय की मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) और गर्मी बर्दाश्त करने की ताकत आ जाती है, जिससे भीषण गर्मी में भी दूध उत्पादन गिरता नहीं है.

​प्योर गिर आमतौर पर दोनों समय का मिलाकर औसतन 12 से 14 लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन करती है. वहीं ​प्योर एचएफ 25 से 30 लीटर दूध का उत्पादन करती है. हालांकि गर्मी में उसका उत्पादन आधा रह सकता है. जबकि ​गिर और एचएफ क्रॉस प्रति समय 12 लीटर, यानी दोनों समय का मिलाकर औसतन 24 से 25 लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन करती है.

40 से 45 गायें मिल्किंग पर हैं तो होगी अच्छी कमाई
जबकि ऐसी ​गायों को एक-एक करके बांधने की जरूरत नहीं पड़ती. वे खुले (Free Range/Loose Housing) में अपनी मर्जी से चारा खाती हैं.

जिससे लेबर खर्च काफी कम हो जाता है. लेबर खर्च कम होते ही डेयरी फार्मिंग में मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है.

अगर आपके फार्म में कुल 70-80 गोवंश हैं, जिनमें 40 से 45 गायें मिल्किंग पर हैं तो रोज प्रतिदिन 400 से 450 लीटर दूध का उत्पादन आसानी से होगा.

​बिचौलियों या डेयरी कंपनियों को सस्ते में दूध देने के बजाय आप शहर में 4 डिलीवरी लड़कों के जरिए सीधे घरों तक पहुंचा सकते हैं.

​दूध की पैकेजिंग फार्म पर ही सेमी-ऑटोमैटिक मशीन से पाउच में करें तो कमाई और बढ़िया हो जाएगी.

सिर्फ दूध की सीधी बिक्री से प्रति माह लगभग 8 लाख का सकल राजस्व (Gross Revenue) आसानी से आ जाएगा.

सर्दियों में शुद्ध मुनाफा लगभग 35% तक रहता है, जो गर्मियों में थोड़ा घटता है, लेकिन इतना नहीं घटेगा कि आपको नुकसान होने लगे.

​यदि कभी 50-100 लीटर दूध बच जाता है, तो उसे फेंकने या कम दाम में बेचने के बजाय फार्म पर ही पनीर तैयार करके 380 प्रति किलो बेचा जा सकता है.

​पनीर बनाने के बाद बचा हुआ प्रोटीन युक्त पानी (Whey Water) छोटे बछड़े-बछड़ियों को पिलाया जाता है, जिससे उनकी शारीरिक ग्रोथ तेजी से होती है.

निष्कर्ष
डेयरी फार्मिंग में इस तरह से भी कमाई की जा सकती है. बस जरूरत इस बात की है कि सही समय पर मुकम्मल ट्रेनिंग लेकर काम को शुरू करें.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Leave a comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Related Articles

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
डेयरी

Dairy: डेयरी फार्मिंग में नुकसान नहीं चाहते तो पशु की ठंड से बचाव की अभी से शुरू कर दें तैयारी

नई दिल्ली. डेयरी एक्सपर्ट कहते हैं कि सर्दियों के मौसम में दुधारू...

डेयरी

Dairy: साहीवाल गाय और मुर्रा भैंस को इंपोर्ट करेगा श्रीलंका, प्रजनन और आनुवंशिक सुधार करने की पहल

नई दिल्ली. भारत में मुर्रा भैंस और साहीवाल गाय दूध उत्पादन के...

मिशन का उद्देश्य किसानों की इनकम दोगुनी करना, कृषि को जलवायु के अनुकूल बनाना, धारणीय और जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है.
डेयरी

Dairy Farm: 50-60 एचएफ गाय के लिए आधुनिक डेयरी फार्म बनाने में कितना आता है खर्च

नई दिल्ली. यदि आप 50-60 एचएफ (HF) गाय पालना चाहते हैं और...

murrah buffalo livestock
डेयरी

Dairy Farming: दो भैंस थी पर दूध उत्पादन था कम, विभाग से सहयोग मिला और अब हो रहा मोटा मुनाफा

नई दिल्ली. अगर आप किसान हैं और डेयरी फार्मिंग का बिजनेस शुरू...