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Animal News: भेड़-बकरी पालन के फायदों को बताएगा आकाशवाणी, देगा नई तकनीकों की जानकारी

sheep and goat farming
भेड़-बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए ओएमयू हुआ साइंस.

नई दिल्ली. भेड़-बकरी पालन बेहद ही फायदे का सौदा है. भेड़ पालन करके ऊन और मीट से कमाई की जा सकती है. जबकि बकरी मीट के लिए ज्यादा पाली जाती है. अब बकरी के दूध से भी अच्छा खासा मुनाफा हासिल किया जा रहा है. बकरी के दूध में कई औषधीय गुण होते हैं, जिसकी वजह से इसकी डिमांड खासी बढ़ गई है. खासतौर पर जब डेंगू जैसा बुखार फैलता है तो बकरी के दूध का सेवन करने के लिए डॉक्टर भी सलाह देते हैं. भेड़-बकरी पालन करके किसान अपनी आय को बढ़ा सकते हैं लेकिन जागरूकता की कमी के कारण अभी बहुत से लोग इसे नहीं कर रहे हैं.

इसको लेकर केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान अविकानगर एवम आकाशवाणी केंद्र जयपुर के बीच भेड़-बकरी पालन को किसानो तक पहुंचाने के लिए एमओयू किया गया. ताकि किसानों को इसका फायदा बताया जा सके और किसान इसके जरिए अपनी इनकम बढ़ा सकें.

किसानों को मिलेगा फायदा
बताते चलें कि भारतीय क़ृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संस्थान केंद्रीय भेड़ और ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर तहसील मालपुरा जिला टोंक के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर व आकाशवाणी केंद्र जयपुर के निदेशक निलेश कुमार कालभोर के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं. गत 5 सितम्बर, 2024 को आकाशवाणी केंद्र जयपुर पर भेड़पालन तकनिकीयों को किसान के द्वार पहुंचाने के लिए एमओयू साइन किया गया. जिसका उदेश्य अंतिम छोरे के किसानो तक संस्थान की वैज्ञानिक पद्धति से भेड़ -बकरी पालन ज्ञान को पहुंचा कर फायदा पहुंचाना है.

सभी को मिलेगी जानकारी
इस संबंध में निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने बताया कि आकाशवाणी केंद्र जयपुर द्वारा “भेड़ा री बाता” पर अविकानगर संस्थान के विभिन्न विषय विशेषय वैज्ञानिको द्वारा किसानों को भेड़ पालन के विभिन्न पहलू पर विस्तार से जानकारी आकाशवाणी केंद्र के कार्यक्रम के माध्यम से दी जाएगी. जिसका प्रसारण आकाशवाणी केंद्र जयपुर द्वारा किया जायेगा. जिससे देश के दूर दराज एवं गांव ढाणी के किसान जो किसी करणवश जानकारी ओर तकनीकी ज्ञान के लिए संस्थानों एवं विश्वविद्यालय मे नहीं जा पाते हैं, उन्हें इसकी जाानकारी मिल जाएगी.

गांवों तक पहुंचेगी तकनीक
अधिकारियों का कहना है कि आकाशवाणी केंद्र के माध्यम से संस्थान एक नई पहल पर भेड़ पालन तकनिकीयों को किसानो के गाँव ढाणी तक पहुंचाया जायेगा. एमओयू करने के दौरान केंद्र के दोनों निदेशको के साथ अविकानगर संस्थान के पोषण विभाग अध्यक्ष डॉ रणधीर सिंह भट्ट, एजीबी विभाग अध्यक्ष डॉ सिद्धार्थ सारथी मिश्र, प्रसार विभाग प्रभारी डॉ लीला राम गुर्जर एवं आकाशवाणी केंद्र कार्यक्रम समन्वयक भी मौजूद रहे.

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