नई दिल्ली. पुआल चाहे धान को या फिर गेहूं का, इसको जलाने से सिर्फ और सिर्फ नुकसान होता है. यदि आप इसे जलाते हैं तो ये पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है. जबकि आप खुद से अपने पशुओं के लिए बेहतरीन चारे को नष्ट कर देते हैं. जबकि इसका इस्तेमाल करके आप पशुओं के लिए पौष्टिक चारा बना सकते हैं, जिससे दूध उत्पादन भी अच्छा मिलेगा और आप पशुपालन में चारे पर आने वाली लागत को भी इससे कम कर सकते हैं. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग
(Dairy Fisheries and Animal Resources Department) ने इस संबंध में अहम जानकारी साझा की है.
बात अगर पुआल जलाये जाने की जाए तो इससे वायुमंडल में कार्बन डाईऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और मिथेन गैसों की मात्रा बढ़ जाती है. साथ ही खेत की मिट्टी में पाये जाने वाला केंचुआ और राइजोबियम बैक्टिरिया भी मर जाते हैं.
पुआल से सस्ता कैसे बनाएं
धान के पुआल का इस्तेमाल पशु चारे के तौर पर किया जाए. इससे जहां पुआल का निपटारा आसानी से हो सकेगा, वहीं पशुओं के लिए सस्ता चारा उपलब्ध हो सकेगा.
यदि पुआल का इस्तेमाल किया जाए तो चारा की कीमत तुलनात्मक रूप से काफी कम हो जाती है.
गेहूं और धान के पुआल को सुखाकर, काटकर तथा इसे यूरिया उपचारित कर संरक्षित किया जा सकता है.
धान एवं गेहूं के भूसे का यूरिया उपचार करने से उसकी पौष्टिकता बढ़ती है. साथ ही प्रोटीन की मात्रा भी उपचारित भूसे में बढ़ जाती है.
किसान चारे की कमी के समय पशुओं को हरे चारे के साथ पुआल को मिलाकर इस मिश्रण का इस्तेमाल कर सकते हैं.
निष्कर्ष
यदि आप चारा तैयार करते हैं तो इससे पशुपालन में फायदा होगा. किसी विशेष जानकारी के लिए पशु स्वास्थ्य और उत्पादन संस्थान, बिहार सरकार के पटना के कंट्रोल रूम के नंबर 0612-2226049 पर फोन कर सकते हैं.










