नई दिल्ली. पशुपालन में सबसे ज्यादा ध्यान पशु के गर्भधारण का रखना चाहिए. पशु जब हीट में आए तो उसे गाभिन कराना जरूरी होता है, नहीं तो उसका ड्राई पीरियड बढ़ता चला जाएगा. एक्सपर्ट कहते हैं कि जब पशु सुबह में हीट में आए तो शाम को और जब शाम को हीट में आए तो सुबह में एआई कराएं या फिर प्राकृतिक तरीके से उसे गाभिन कराएं. हालांकि एआई का तरीका ज्यादा सेफ और बेहतर भी है. जिसका रिजल्ट भी अच्छा आता है. ऐसे में लापरवाही से नुकसान होता है.
एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि कई बार ऐसा भी होता है कि बार-बार AI के बाद भी गाभिन नहीं हो पाता है. इसकी वजह कई है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो इसकी वजह की तलाश करके इस समस्या का समाधान करना चाहिए. नहीं तो फिर पशुपालन में नुकसान उठाना पड़ जाएगा. इस रिपोर्ट में हम आपको बार-बार एआई के बावजूद अगर पशु गाभिन नहीं हो रहा है तो उसकी क्या, वजह है और समाधान के बारे में भी बताएंगे.
तो ये कारण जरुर जांचें
एक्सपर्ट के मुताबिक हीट गलत समय होने से पशु गाभिन नहीं हो पाते हैं.
जबकि अक्सर ऐसा भी होता है कि पशुपालक को सही हीट पहचान नहीं होती है.
कई बार पशुपालक जल्दी या फिर देर से एआई कराते हैं.
एआई के सही समय की बात की जाए तो हीट के 12-18 घंटे बाद एआई कराएं.
एक्सपर्ट कहना है कि कई बार पशु को PCOD या फिर Cyst भी होती है.
पशु को अगर थायरॉइड की समस्या है तो गाभिन होने में दिक्कत आती है.
प्रोलेविटन असंतुलन की वजह से भी गाय—भैंस गाभिन नहीं हो पाती हैं.
नर (Bull) की समस्या के कारण भी ऐसा होता है.
कमजोर शुक्राणु भी इसका बड़ा कारण है.
यदि पशु बीमार है तो फिर गाभिन होने में दिक्कत आती है.
AI तकनीक गलत इस्तेमाल भी इसका कारण है.
पोषण की कमी के कारण भी ऐसा होता है.
मिनरल मिक्सचर की कमी के चलते भी ये हो सकता है.
Ca + P असंतुलन के कारण भी ये हो सकता है.
गर्भाशय में संक्रमण की वजह से ऐसा होता है.
वहीं पुरानी सूजन जख्म के कारण पशु गाभिन नहीं हो पाते हैं.
बार-बार गर्भपात के कारण हो सकता है.
पहला गर्भ गिरना और कोख की कमजोरी भी इसकी वजह है.
संकमण के चलते भी समस्या आती है.
निष्कर्ष
समस्या के समाधान की बात की जाए तो समय पर हीट पहचानें. संतुलित आहार और मिनरल मिक्सचर देते रहें. डॉक्टर की जांच आौर हार्मोन टेस्ट कराएं. सही AI और हैल्दी बुल का चयन करें. ऐसा करने से पशु गर्भधारण कर पाएगा और फिर आपको नुकसान भी नहीं होगा.












