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Animal Husbandry: धोखाधड़ी से बचाता है ईयर टैग, पशु चोरी होने पर आसानी से ढूंढ सकते हैं

ईयर टैगिंग की तस्वीर.

नई दिल्ली. पशुपालन ने एक ऐसा काम है, जिससे किसान अपनी इनकम को दोगुनी कर सकते हैं. सरकार भी यही चाहती है कि पशुपालन के जरिए किसानों के पास उनका एक दूसरा आय कमाने का भी जरिया बन जाए. जिस वजह से पशुपालन के काम को सरकार की तरफ से बढ़ावा दिया जा रहा है. जो किसान आर्थिक रूप से कमजोर हैं या उनके पास कृषि के लिए ज्यादा जमीन नहीं है, अगर वो पशुपालन करते हैं तो इससे उनकी इनकम दोगुनी हो सकती है. जबकि आर्थिक कमजोरी पर सरकार की तरफ से सब्सिडी और लोन की व्यवस्था भी की जाती है. ताकि पशुपालन के काम में पैसे की कमी ना हो पाए.

पशुपालन में अगर आप सफल होना चाहते हैं तो इसको करने के लिए कई बातों की जानकारी होना आपके लिए बेहद जरूरी है. जैसे आपने अक्सर पशुओं के कान में ईयर टैग यानी पीला कार्ड लटका हुआ देखा होगा. इस कार्ड को लगवाने के कई फायदे हैं. अगर आप भी इसके बारे में नहीं जानते हैं कि क्या फायदे हैं तो बिहार सरकार के डेयरी मत्स्य और पशु संसाधन विभाग (Dairy Fisheries and Animal Resources Department) की ओर से इस बारे में अहम जानकारी दी गई है.

जानें क्या-क्या हैं फायदे
आप जान लें कि ये कोई साधारण प्लास्टिक का टुकड़ा नहीं, बल्कि आपके पशुओं का एक तरह का आधार कार्ड है.

इस 12 अंकों के नंबर से आपके पशु की पूरी जानकारी ऑनलाइन हो जाती है. जैसे टीकाकरण से लेकर नस्ल तक की पूरी जानकारी एक क्लिक पर निकल सकती है.

यदि आप सरकारी योजनाओं का फायदा लेना चाहते हैं तो इस टैग को लगवाना जरूरी है. क्योंकि इसके बिना आपको सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिलेगा.

आपको बता दें कि इस टैग वाले पशुओं को एफएमडी जैसी बीमारियों के लिए मुफ्त सरकारी वैक्सीन और कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा मिल जाती है.

यदि पशु के साथ कोई दुर्घटना होती है. जैसे प्राकृतिक आपदा आती है, बाढ़, सूखा बिजली गिरती है और इससे पशुओं की मौत हो जाती है तो बीमा क्लेम के लिए इस टैग का होना जरूरी है.

यदि पशु एक जैसा दिख रहा है तो इस टैग के जरिए उसकी पहचान भी आसानी के साथ की जा सकती है. वहीं कहीं गायब हो जाने या चोरी हो जाने पर पशु को आसानी से ढूंढा भी जा सकता है.

कोई भी पशुपालक दूसरे पशुपालक को बीमार पशु नहीं बेच सकता है. यानि धोखाधड़ी नहीं कर सकता है. इस टैग के जरिए पूरी जानकारी की जा सकती है.

निष्कर्ष
इस कार्ड को बनवाने के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय जाना होता है और वहां पर ईयर टैगिंग करवाई जा सकती है जिससे पशुपालन विभाग में आपको फायदा मिलता है.

Written by
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