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Animal News: जानवरों की इमरजेंसी देखभाल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन जिंदगी बचाना वाला है उपाय

कुत्ते का इलाज करती हुई पशु चिकित्सकों की टीम.

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने “पालतू जानवरों और पशुधन में ब्लड ट्रांसफ्यूजन का व्यावहारिक तरीका” विषय पर एक दिन की विस्तृत वर्कशॉप आयोजित की. वेटरनरी मेडिसिन विभाग ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की, जिसमें पंजाब के पशुपालन विभाग के वेटरनरी अधिकारियों के साथ-साथ फैकल्टी सदस्यों और पोस्टग्रेजुएट छात्रों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया. वेटरनरी मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. सुषमा छाबड़ा ने कहा कि जानवरों की इमरजेंसी देखभाल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन को जीवन बचाने वाले उपाय के रूप में तेजी से मान्यता मिल रही है.

दुर्घटनाओं, सर्जरी, परजीवी संक्रमण, जहर, रक्तस्राव वाली बीमारियों और एनीमिया के कारण बहुत ज़्यादा खून बहने से पीड़ित जानवरों को तुरंत ट्रांसफ्यूजन सपोर्ट की जरूरत होती है. वाइस-चांसलर डॉ. जेपीएस. गिल ने कहा कि वेटरनरी डॉक्टरों को एडवांस्ड क्लिनिकल स्किल्स से लैस करने के लिए इस तरह के क्षमता-निर्माण कार्यक्रम बहुत जरूरी हैं.

पालतू जानवरों का डोनर के रूप में रजिस्टर कराने की अपील
उन्होंने कहा वेटरनरी सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है, खासकर इमरजेंसी मेडिसिन और क्रिटिकल केयर के क्षेत्रों में.

ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम यह सुनिश्चित करने में मदद करते हैं कि वेटरनरी डॉक्टर आधुनिक डायग्नोस्टिक और इलाज की तकनीकों से अपडेट रहें.

जिससे अंततः जानवरों की भलाई में सुधार हो, पशुधन की उत्पादकता बढ़े और पालतू जानवरों व खेत के जानवरों दोनों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवा परिणाम मिलें.

प्रतिभागियों को एक्सपर्ट लेक्चर के साथ-साथ प्रैक्टिकल सेशन भी मिले, जिनमें डोनर का चयन, खून इकट्ठा करने की तकनीक, ब्लड ग्रुपिंग और क्रॉस-मैचिंग प्रक्रियाएं, ब्लड प्रोडक्ट का स्टोरेज, हैंडलिंग प्रोटोकॉल और सुरक्षित ट्रांसफ्यूजन के तरीके शामिल थे.

ब्लड ट्रांसफ्यूजन सुविधा की इंचार्ज डॉ. सुजाता तुर्कर ने साथ रहने वाले जानवरों के लिए स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया.

साथ उन पालतू जानवरों के मालिकों से अपील की जिनके पास स्वस्थ वयस्क कुत्ते हैं, कि वे अपने पालतू जानवरों को स्वैच्छिक डोनर के रूप में रजिस्टर करें.

वेटरनरी साइंस कॉलेज के डीन डॉ. स्वर्ण सिंह रंधावा ने वेटरनरी अस्पतालों में मज़बूत ट्रांसफ्यूजन सेवाओं की बढ़ती ज़रूरत पर प्रकाश डाला.

साथ ही इस बात पर जोर दिया कि जटिलताओं को कम करने और इलाज के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए सही ट्रांसफ्यूजन प्रोटोकॉल जरूरी हैं.

उन्होंने वेटरनरी अधिकारियों को वर्कशॉप के दौरान हासिल किए गए ज्ञान और कौशल को पूरे राज्य में जानवरों की स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया.

Written by
Livestock Animal News Team

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