Home पशुपालन Animal: पशु हीट में है या नहीं इसकी पहचान न होने से होता है बड़ा नुकसान
पशुपालन

Animal: पशु हीट में है या नहीं इसकी पहचान न होने से होता है बड़ा नुकसान

जाफराबादी भैंस गुजरात के जूनागढ़, भावनगर और अमरेली जिलों में पाई जाती है.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. यदि किसी पशुपालक भाई को गाय भैंस के हीट में आने यानी गर्मी मद चक्र की सही पहचान करना आता है तो कि ये चीज पशु की प्रजनन क्षमता बढ़ाकर ब्यांत अंतराल को कम करता है. जिससे दूध उत्पादन बढ़ता है और नतीजे में पशुपालक भाई को अच्छा खासा मुनाफा मिलता है. वहीं अगर हीट में आने की पहचान करना नहीं आता तो पशु बार-बार रिपीट होता रहेगा. इससे पशुपालन की लागत बढ़ जाएगी और डेयरी फार्मिंग के काम में नुकसान होगा. क्योंकि पशु को तब भी चारा वगैरह खिलाना ही पड़ता है और दूध न मिलने से नुकसान होता है.

एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि पशुपालन में हीट की पहचान करना आना बेहद जरूरी काम है और इसकी पहचान हर एक पशुपालक को आना ही चाहिए. तभी वह पशुपालन के काम में फायदा उठा सकता है. नहीं तो उसके हाथ नुकसान ही आता है. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि पशु हीट आए तो उसकी क्या पहचान है और जब हीट खत्म हो जाए तो क्या संकेत दिखते हैं तो यहां हम आपको बताएंगे.

हीट खत्म होने पर ये संकेत दिखते हैं, जानें यहां
साफ चिपपिपा पानी दिखे तो पशु हीट में आ गया है.

योनि से पारदर्शी लसलसा पानी लटकता दिखे.

पशु जब दूसरे पर चढ़ने की कोशिश करे तो वो हीट में है.

पशु खुद भी चढ़े और दूसरे पशु को भी चढ़ने दे तो यही सबसे पक्का देसी संकेत है.

वहीं बेचेनी और आवाज बार-बार रम्भाना भी पहचान है.

ऐसा लक्षण दिखे तो 12-18 घंटे बाद पशु को गाभिन कराएं.

हीट खल्म होने के क्या लक्षण हैं
पशु दूसरे पशु पर चढ़ना बंद कर देता है.

वहीं दूरारे पशु को चढ़ने भी नहीं देता है.

भैंस गाय खुद भी शांत हो जाती है.

पानी जैसा स्राव कम हो जाता है.

स्राव और लसलस पानी बंद हो जाता है.

हलका गाढ़ा या सूखा सा दिखने लगता है.

पशु की बेचेनी खत्म हो जाती है.

पशु रम्भाना कम कर देता है.

बार-बार पूंछ उठाना बंद कर देता है.

खाना-पीना सामान्य हो जाता है.

हलका खून दिख सकता है (1-2 दिन बाद).

अब गर्भाधान कराने में देर हो चुकी होती है.

निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि पशु की हीट पशुपालन में बेहद ही अहम चीज है. इसकी पहचान के बाद ही पशु को गर्भाधान कराया जाता है और पशु गर्भधारण करता है. इसके बाद दूध उत्पादन भी मिलता है. डेयरी फार्म में इससे पशु की इससे संख्या भी बढ़ जाती है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Animal husbandry, heat, temperature, severe heat, cow shed, UP government, ponds, dried up ponds,
पशुपालन

Animal News: एक फोन कॉल पर हो रहा बीमार पशुओं का इलाज, पशुपालन की लागत हो रही कम

नई दिल्ली. बिहार में मोबाइल वेटनरी यूनिट पशुपालकों के लिए राहत का...

पशुपालन

Goat News: बकरी पालन की ट्रेनिंग के क्या हैं फायदे, किसानों ने गिनाया

नई दिल्ली. बकरी को गरीबों की गाय कहा जाता है. बकरी पालन...

CIRB will double the meat production in buffaloes, know what is the research on which work is going on. livestockanimalnews animal Husbandry
पशुपालन

Animal News: पशुओं को महंगा नहीं, खिलाएं सस्ता और असरदार चारा

नई दिल्ली. पशुपालक भाई इस बात को बखूबी जानते हैं कि पशुपालन...

पशुपालन

GADVASU: पशु का लंगड़ापन डेयरी फार्मिंग में बनता है नुकसान का कारण

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (GADVASU),...