नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में फिशरीज सेक्टर के तहत यूपी सरकार कई अहम काम कर रही है. ताकि मछली उत्पादन ज्यादा किया जा सके और मछली पालन से जुड़े लोगों को इसका फायदा मिल सके. उत्तर प्रदेश की सरकार की ओर से निषाद राज बोर्ड सब्सिडी योजना भी चलाई जा रही है. जिसके तहत मछुआरा समुदाय को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नाव और जाल खरीदने के लिए सरकार आर्थिक मदद देती है. सरकार की तरफ से एक लाख तक की लागत पर 40 फीसद और 60 परसेंट तक सब्सिडी जाती है.
बतातें चलें कि इस योजना का मकसद नावों का आधुनिकरण करना और अस्थाई आजीविका देना भी है. यदि आप उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं और पारंपरिक मत्स्य पालन से जुड़े हुए हैं तो इस योजना का फायदा लेकर नो खरीद सकते हैं. यदि किसी के पास पहले से नाव है तो उसे इस योजना के तहत प्राथमिकता दी जा रही है. सरकार का मकसद है कि नाव और जाल आदि खरीद कर मछुआरे और ज्यादा मछली को पकड़ें. जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सके.
इस जिले में दिया जाल, नाव और आइस बॉक्स
सरकार की इस योजना के तहत सरयू नदी के घाघरा घाट पर आयोजित कार्यक्रम में शुक्रवार को जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में निषाद राज बोट योजना के लाभार्थियों को नाव वितरित किया गया.
योजना के लाभार्थियों को मत्स्य विभाग एवं सरकार द्वारा चलाई गई जा रही कल्याणकारी जानकारी दी गई.
योजनाओं की निषाद राज बोट सब्सिडी योजना के अंतर्गत मत्स्य विभाग द्वारा जरवल ब्लाक के पंद्रह लाभार्थियों को बीडीओ आलोक कुमार वर्मा और भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश जायसवाल की उपस्थिति में नाव व जाल दी गई.
बताया गया कि इस कार्यक्रम में लाभार्थियों को नाव, जाल, आइस बाक्स आदि सामग्री का वितरण कर जिले में योजना की शुरुआत की गई है.
बीडीओ आलोक वर्मा ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी की दी.
वहीं सहायक निदेशक मत्स्य बाबूराम ने मछुआ समुदाय के लोगों के लिए मत्स्य विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया.
उन्होंने बताया कि सरकार निषाद राज बोट योजना के लाभार्थियों को लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दे रही है.
निष्कर्ष
सरकार की मंशा है कि प्रदेश में मछुआ समुदाय की इनकम में भी इजाफा किया जाए. इसलिए इस तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं. जिसका फायदा भी उन्हें मिल रहा है.












