नई दिल्ली. पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में रिसर्च और ट्रेनिंग के कई फायदे हैं. रिसर्च से जहां पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार करने में मदद मिलती है तो वहीं जूनोटिक रोगों की रोकथाम और खाद्य सुरक्षा को फायदा होता है. जबकि ट्रेनिंग से पशुपालकों को ज्यादा उत्पादन लेने और इनकम बढ़ाने के तरीके भी बताए जाते हैं. इसी क्रम में गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में रिसर्च और ट्रेनिंग की प्रगति को बढ़ावा देने के लिए नेशनल कैमल रिसर्च इंस्टीट्यूट, बीकानेर के साथ एक MOU पर साइन किया है.
बता दें कि इस समझौते पर डॉ. प्रकाश सिंह बरार, डायरेक्टर रिसर्च और डॉ. अनिल कुमार पूनिया, डायरेक्टर, नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर कैमल्स ने साइन किया. जतिंदर पाल सिंह गिल, वाइस-चांसलर, ने कहा कि यह समझौता एकेडमिक पार्टनरशिप का एक बेहतरीन उदाहरण है. डॉ. पूनिया ने कहा कि संस्थान यूनिवर्सिटी के साथ रिसर्च और टेक्निकल सहयोग को मजबूत करने के लिए उत्सुक है.
क्या मिलेगा इसका फायदा
उन्होंने कहा कि गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में रिसर्च और ट्रेनिंग की प्रगति को बढ़ावा देने और तेज करने के लिए एमओयू साइन किया है.
उन्होंने कहा कि इस ओएमयू का फायदा मिलेगा. इससे पशुओं के नए इलाज, वैक्सीन की खोज और टिकाऊ पशु प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक ज्ञान विकसित करने में मदद मिलेगी.
कहा कि जो पशुपालकों और आम जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य और आर्थिक लाभ सुनिश्चित करेगा. साथ ही पशु चिकित्सकों के लिए करियर के नए रास्ते खोलने में मदद करेगा.
इस एमओयू पर डॉ. पी.एस. बरार, डायरेक्टर रिसर्च और डॉ. अनिल कुमार पूनिया, डायरेक्टर, ICAR–NRCC, बीकानेर ने साइन किए.
डॉ. जे.पी.एस. गिल ने दोनों टीमों को बधाई दी और कहा कि यह MoU एकेडमिक पार्टनरशिप का एक बेहतरीन उदाहरण है.
डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने बताया कि यह संस्थान यूनिवर्सिटी के साथ रिसर्च और टेक्निकल सहयोग को मजबूत करने के लिए उत्सुक है.













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