नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग के लिए ठंड का महीना बेहद ही संवेदनशील होता है. इस दौरान मुर्गियों का सही ढंग से ख्याल रखना होता है. ताकि मुर्गियों को ठंड से किसी तरह की कोई दिक्कत न आए. अगर मुर्गियों का ठंड में सही प्रबंधन नहीं किया गया तो फिर पोल्ट्री फार्मिंग में नुकसान होना तय है. अंडों के लिए पाली जा रही मुर्गियां अंडों का उत्पादन कम कर सकती हैं. जबकि मीट के लिए पाले जा रहे ब्रॉयलर मुर्गों की मौत हो सकती है. वहीं ठंड में फार्मिंग की शुरुआत की है तो चूजों का तो ज्यादा ही ध्यान देना होता है.
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग बिहार सरकार (Dairy Fisheries and Animal Resources Department) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज को बताया कि (Livestock Animal News) पोल्ट्री फार्मिंग के दौरान ठंड में आहार प्रबंधन, तापमान नियंत्रण और पानी की व्यवस्था पर खास ख्याल रखना होता है. आइए इस बारे में डिटेल से जानते हैं.
आहार प्रबंधन में क्या करें
ठंड में मुर्गियों को ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा वाला आहार दें. ताकि वो ठंड से बची रहें.
मक्का, ज्वार, बाजरा की मात्रा ठंड के दौरान मुर्गियों की फीड में बढ़ा दें.
एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों को सुबह और शाम गुनगुना पानी जरूर दें.
फीड में ठंड के दौरान विटामिन A, D, E और मिनरल मिक्सचर मिलाएं.
तापमान नियंत्रण ऐसे करें
चूजों के लिए सही तापमान का होना बहुत ज़रूरी है, नहीं तो उनकी मौत हो सकती है.
तापमान को नियंत्रित करने के लिए हीटर, बल्ब या अंगीठी (धुआं बाहर जाए) का इस्तेमाल करें.
तापमान लगभग 30-35 डिग्री सेल्सियस चूजों के लिए सही माना जाता है.
वयस्क मुर्गियों को भी ठंडी हवा से बचाएं. पोल्ट्री फार्म में पर्दे की व्यवस्था करें.
पानी की व्यवस्था कैसे करें
मुर्गियों को बहुत ठंडा पानी नहीं देना चाहिए. क्यों इससे उन्हें तकलीफ हो सकती है.
पानी के बर्तन धूप में रखें. वहीं पोल्ट्री फार्म में दिन में 2-3 बार पानी बदलें.
निष्कर्ष
अगर इन बातों का ध्यान आप ध्यान देंगे तो ठंड के दौरान पोल्ट्री फार्मिंग के बिजनेस में अच्छा मुनाफा कमा पाएंगे.













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