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Bird Flu Disease: बर्ड फ्लू से बचाव के लिए मुर्गियों का पानी रोज बदलें, बर्तनों की करें सफाई

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प्रतीकात्मक फोटो:

नई दिल्ली. बर्ड फ्लू इतनी खतरनाक बीमारी है कि ये पोल्ट्री फार्मिंग को एक झटके में अर्श से फर्श पर ला सकती है. बर्ड फ्लू की आशंका भर से ही पोल्ट्री बिजनेस धड़ाम हो जाता है. ऐसे में पोल्ट्री फार्मर्स को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है. तभी वो अपने बिजनेस को इस खतरे से बचा सकते हैं. बिहार सरकार के डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के एक्सपर्ट का कहना है कि पोल्ट्री बर्ड को बर्ड फ्लू से बचाने के लिए जागरुकता सबसे अहम है. कुछ ऐसे तरीके हैं जिनको आजमाने ये बीमारी नहीं होगी.

एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया कि आहार और पानी सही व्यवस्था, लक्षणों की पहचान और बीमार बर्ड की जानकारी ये कुछ ऐसे चीजें हैं, जिससे पोल्ट्री बिजनेस को बर्ड फ्लू से बचाया जा सकता है. इसलिए एहतियात बरतना जरूरी है.

कैसे मुर्गियों को बचाएं
आहार एवं पेयजल व्यवस्था की बात करें तो पक्षियों को स्वच्छ एवं शीतल पेयजल और संतुलित आहार दें.

बर्ड का फीड एवं पानी रोजाना बदलें. पानी और फीड के बर्तनों की नियमित साफ-सफाई करें.

अपने पोल्ट्री फार्म में बीमारियों को प्रवेश करने से रोकें. अपने आपको और बाजार या अन्य फार्मों में अन्य पक्षियों के संपर्क में आने वाली हर चीज की साफ-सफाई रखें.

नए पक्षियों को कम-से-कम 30 दिनों तक अपने स्वस्थ पक्षियों से दूर रखें.

बीमारी को फैलने से रोकने या बचाव के लिए पोल्ट्री के संपर्क में आने से पहले और बाद में अपने हाथ, कपड़ों और जूतों को धोयें तथा संक्रमण मुक्त करें.

यदि आप अन्य फार्मों से उपकरण या पक्षी लेते हैं तो अपने स्वस्थ पक्षियों के संपर्क में आने से पहले उनकी सफाई करें. संक्रमण मुक्त करें.

गैरजरूरी लोगों व अन्य फार्म पर कार्यरत मजदूरों और वाहनों को अपने फार्म पर प्रवेश न दें, यहां से जल्दी बीमारी फार्म में आती है.

लक्षणों को पहचानें अपने पक्षियों पर नजर रखें, यदि पक्षियों की आंख, गर्दन और सिर के आस-पास सूजन है और आँखों से रिसाव हो रहा है तो सतर्क हो जाएं.

कलंगी और टांगों में नीलापन आ रहा है, अचानक कमजोरी, पंख गिरना बढ़ रहा है और पक्षियों की हरकत में कमी है तो ये भी खतरे के संकेत हैं.

पक्षी आहार कम ले रहे हैं व अण्डे भी कम दे रहे हैं और असामान्य रूप से अधिक पक्षी मर रहे हैं, तो यह सब खतरे के संकेत हैं.

यदि पक्षियों में ऐसे असामन्य लक्षण दिखाई देते है तो इसे छुपायें नहीं क्योकि ये आपके पोल्ट्री बिजनेस के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

निष्कर्ष
एक्सपर्ट कहते हैं कि बीमार पक्षी की सूचना या फिर मौत की सूचना नजदीकी पशु चिकित्सालय को तत्काल दें. इससे अन्य बर्ड को बचाने में मदद मिलेगी. इस तरह से उपाय कर पोल्ट्री बिजनेस को बचाया जा सकता है.

Written by
Livestock Animal News Team

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