नई दिल्ली. जो पशु दाना मिश्रण नहीं खाते हैं. हर तरह का चारा कम खाते हैं. जैसे सूखा चारा भी कम खाते हैं या जुगाली नहीं करते हैं. इसके चलते दिन ब दिन कमजोर होते चले जा रहे हैं तो मान लें कि ऐसे पशु के लीवर में कुछ समस्या है. एक्सपर्ट का कहना है कि जब लीवर खराब होता है तो पशु खाना पीना बंद कर देते हैं. नतीजे में कमजोरी आ जाती है और इससे दूध उत्पादन पर भी बेहद बुरा असर पड़ता है. इसलिए समय रहते इसका इलाज करना जरूरी है. ताकि लीवर सही हो जाए और पशु अच्छा उत्पादन करें.
बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (Department of Animal and Fishery Resources) की ओर से लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया गया कि पशुओं की लीवर संबंधी समस्या को ठीक करने के लिए कई दवाएं हैं जो पशु चिकित्सक की सलाह पर उन्हें दी जा सकती है लेकिन देसी तरीके से भी पशुओं के लिवर को ठीक किया जा सकता है. आइए इस बारे में डिटेल से जानते हैं.
किन सामग्री से बनेगी देसी दवा
एक्सपर्ट का कहना है कि इसके लिए 250 ग्राम काला नमक की जरूरत होगी और सेंधा नमक 250 ग्राम लेना होगा.
वहीं इस देसी दवा को बनाने के लिए ढाई सौ ग्राम हरण की जरूरत भी पड़ेगी. इतनी ही मात्रा में बहेड़ा भी लेना होगा.
आंवला में कई औषधि गुण होते हैं. यह भी पशुओं का बहुत फायदा करता है. इसलिए 250 ग्राम आंवला भी इस दवा को बनाने में इस्तेमाल कर लें.
इन सभी चीजों को अच्छी तरह से कूटकर पीसकर तैयार कर लें और एक समय पर 200 ग्राम पशु को खिला दें.
इसको खिलाने के लिए गुड़ का इस्तेमाल करें. यदि सुबह शाम 3 दिन तक अभी से लगातार खिलाते हैं तो पशु को लीवर संबंधित जो भी समस्याएं हैं. वह दूर हो जाएंगी.
निष्कर्ष
जब पशु का लीवर सही रहेगा तो ऐसे में पशु ज्यादा से ज्यादा दूध का उत्पादन करने लगेगा और डेयरी फार्मिंग के काम में आपको फायदा होगा.












