नई दिल्ली. जनवरी का महीना चल रहा है. ऐसे में इस दौरान भीषण ठंड की वजह से पशुओं को ठंड से बचाना बेहद जरूरी है. क्योंकि ऐसा ना किया गया तो पशु के दूध उत्पादन में कमी आ सकती है. भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की मानें तो ठंड के दौरान पशु कम पानी पीता है, उसे सही पोषण भी नहीं मिल पाता है. उसकी पाचन क्रिया धीरे हो जाती है और ठंड से तनाव यानी कोल्ड स्ट्रेस भी हो जाता है. इन सब वजह से पशु का शरीर दूध बनाने की जगह खुद को गर्म रखने में ज्यादा ऊर्जा खर्च करने लगता है.
जबकि दूध उत्पादन करने में पशुओं को ऊर्जा की जरूरत होती है. ऐसे में ऊर्जा का ट्रांसफर होना पशु के दूध उत्पादन में कमी का कारण बनता है. इतना ही नहीं नमी या गंदगी से भी संक्रमण फैलता है और इससे भी दूध उत्पादन कम होता है. अगर पशु दूध का उत्पादन कम करता है तो जाहिर सी बात है कि डेयरी फार्मिंग के काम में इससे फायदा नहीं नुकसान होगा. क्योंकि डेयरी फार्मिंग का पूरा बिजनेस दूध उत्पादन पर टिका होता है.
ज्याद दूध लेने के लिए क्या उपाय करें
पशुओं को ठंड से बचाने के लिए डेयरी फार्म में जहां से ठंडी हवा आती है, वहां पर तिरपाल, बोरी, घास आदि को लगा देना चाहिए. इससे डेयरी फार्म में ठंडी हवा नहीं आएगी और पशु ठंड से बच जाएंगे.
जमीन पर पराली या भूसा बिछाना चाहिए. ऐसा करने से पशुधन को बहुत देर तक खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती और वह आराम से बैठ जाएंगे. जबकि से उन्हें जमीन से भी ठंड नहीं लगेगी.
ठंड में पशुओं को सिर्फ पेट भरने वाला चारा नहीं देना चाहिए. बल्कि ऊर्जा वाला चारा भी देना चाहिए. क्योंकि दूध एनर्जी से ही बनता है और पशु को एनर्जी भरपूर मिलनी चाहिए.
इसके लिए भूसे के साथ गुड़, मक्का, सरसों या मूंगफली की खली भी पशुओं को खिलाई जा सकती है. जिससे पशुओं को भरपूर मात्रा में एनर्जी मिलेगी और दूध उत्पादन में कमी नहीं आएगी.
पशुओं को बहुत ज्यादा ठंडा पानी ना पिलाएं. हो सके तो पशुओं को गुनगुना पानी पिलाएं. अगर गुनगुना पानी ना पिला सकें तो ताजा पानी जरूर पिलाएं.
ठंड में पशुओं को निमोनिया, खांसी और बुखार का खतरा भी रहता है. इसलिए समय पर वैक्सीनेशन जरूर करवाएं और डीवार्मिंग भी जरूर करें.
नथुनों से बहाव हो, आंखों में पानी दिखे या पशु तेजी से सांस लेता दिखाई दे तो तुरंत पशु चिकित्सा की सलाह लेनी चाहिए. कोशिश करें कि जब धूप निकलने लगे तो पशु को एक बार दिन में धूप जरूर दिखाएं.
निष्कर्ष
इन उपायों को करने से आप पशु को ठंड में होने स्ट्रेस से बचा पाएंगे. उन्हें एनर्जी दे पाएंगे जिससे दूध उत्पादन में कमी नहीं होगी.












