नई दिल्ली. असम के सहकारी डेयरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, जोरहाट, डिब्रूगढ़ और धेमाजी में तीन नए डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट के लिए भूमि पूजन और आधारशिला रखने का समारोह आयोजित गया. जो ऊपरी असम में पूरबी डेयरी के बुनियादी ढांचे के विस्तार की शुरुआत का प्रतीक है. मुख्य समारोह जोरहाट में आयोजित किया गया था, जहां मंत्री, पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग, असम सरकार कृष्णेंदु पॉल ने तमाम लोगों की मौजूदगी में इसकी आधारशिला रखी. धेमाजी में प्लांट के लिए भूमि पूजन के दौरान मंत्री रनोज पेगु व अन्य स्थानीय लोग भी मौजूद रहे.
जोरहाट में दूध प्रोसेसिंग प्लांट राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) के तहत वित्तीय सहायता से पूर्वी असम दुग्ध उत्पादकों के सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जा रहा है. डिब्रूगढ़ और धेमाजी के संयंत्रों को ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास निधि (आरआईडीएफ) के तहत वित्तीय सहायता के साथ असम सरकार और एनडीडीबी के संयुक्त उद्यम नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड (एनईडीएफएल) द्वारा स्थापित किया जा रहा है.
किसानों को मिलेगा दूध का सही दाम
कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ललन सिंह, ने पूर्वी असम दुग्ध उत्पादकों के सहकारी संघ लिमिटेड के डेयरी सहकारी किसानों और उपस्थित लोगों को एक वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया.
अपने भाषण में, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ऊपरी असम में डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से संगठित कोऑपरेटिव डेयरी मजबूत होगी और ज्यादा किसान स्ट्रक्चर्ड दूध खरीद सिस्टम से जुड़ेंगे.
किसान जब दूध खरीद सिस्टम से जुड़ेंगे तो उन्हें दूध का सही दाम मिलेगा और वहीं खरीदारों को फ्रेश और अच्छी क्वालिटी का दूध उपलब्ध होगा.
उन्होंने कहा कि किसान-मालिकाना हक वाली संस्थाओं को मजबूत करना और दूध प्रोसेसिंग कैपेसिटी बढ़ाना भारत सरकार के व्हाइट रेवोल्यूशन 2.0 के विजन के तहत मुख्य प्राथमिकताएं हैं.
ईस्ट असम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड अभी ऊपरी असम के कई जिलों में दूध खरीद का काम करता है, और डेयरी किसानों को संगठित कोऑपरेटिव डेयरी नेटवर्क से जोड़ता है.
एक बार चालू होने के बाद, नए प्लांट ऊपरी असम में दूध खरीद और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूत करेंगे और पूरबी डेयरी ब्रांड के तहत संगठित डेयरी वैल्यू चेन को और बढ़ाएंगे.
निष्कर्ष
गौरतलब है कि सरकार देशभर में डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए काम कर रही है. क्योंकि दूध उत्पादन और ज्यादा बढ़ाना चाहती है. इसके लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने भी काम किया जा रहा है और उन्हें बाजार भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं.












