नई दिल्ली. बिहार भर में मछली पालकों को बाजार, बेहतर आमदनी और अब खरीदारों को ताजा मछली उपलब्ध कराने के लिए फिश आउटलेट बनाए जा रहे हैं. कुछ जिलों में इस काम की शुरुआत भी हो चुकी है. क्योंकि इसको लेकर मत्स्य विभाग द्वारा पहल शुरू कर दी गयी है. नगर परिषद क्षेत्रों में फ्रेश कैच आउटलेट (मछली के लिए आउटलेट) खोले जाने की अनुमति मांगी जा रही है. इससे लोगों को मछली बाजार जाने से मुक्ति मिलेगी. इसी आउटलेट पर लोग ताजी व अपनी जरूरत के हिसाब से मछली की खरीदारी कर सकेंगे.
इस जिले में पांच नदी समेत तालाबों में मछली पालन किया जा रहा है. मछली उत्पादन के मामले में ये जिला सबसे आगे है. इससे आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में और बेहतर पहचान मिलने की संभावना है. पशुपालन व मत्स्य विभाग द्वारा सात निश्चय-थ्री के तहत फ्रेश कैच कियोस्क खोलने के लिए संबंधित नगर परिषद से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने का निर्देश मिला है. विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मत्स्य पालन पर विशेष जोर अभियान के तहत फ्रेश कैच कियोस्क की योजना बनायी गयी है. जिला में दो फ्रेश कैच कियोस्क खोलने के लिए स्वीकृति मिल चुकी है.
मछली पालकों को मिलेगा बेहतर बाजार
वर्तमान में मछली पालक आढ़त में मछली बिक्री करते हैं. इन दो आउटलेट के खुलने से मत्स्यपालकों को एक और बाजार मिल पायेगा.
इससे आने वाले दिनों में मत्स्यपालकों की आमदनी बढ़ने के भी आसार हैं. विभाग का लक्ष्य है कि मुख्य बाजार समेत बस स्टैण्ड आदि के आसपास इस जमीन की खोज कर उसमें आउटलेट खोला जाएं.
बताया जाता है कि यह कियोस्क प्री-फ्रेविकेटेड आधुनिक आउटलेट होगा. इसमें मछलियां अधिक समय तक ताजी स्थिति में रखी जा सकेगी. साथ ही डिस्प्ले यूनिट व आइस बॉक्स लगाए जायेंगे.
जिले में खोले जाने वाले दो फिश आउटलेट के लिए जिला मत्स्य पदाधिकारी ने नगर निगम एवं नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी व सीओ को पत्र भेजकर एनओसी मांगा है.
इसमें 225 वर्ग फीट जमीन चिन्हित करते हुए आउटलेट के लिए एनओसी की मांग की गयी है.
फिश आउटलेट खोले जाने के लिए 15 फीट लंबी व 15 फीट चौड़ी जमीन की जरूरत होगी.
निष्कर्ष
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में खोले जाने वाले फिश आउटलेट फ्रेश कैच बिहार ब्रांड के नाम से खोले जायेंगे. इससे क्षेत्र विशेष के लोगों को देसी मछली उपलब्ध हो पाएगी.












