नई दिल्ली. अंडा प्रोटीन का एक बेहद ही सस्ता और अच्छा सोर्स है. न्यूट्रिशन एक्सपर्ट का भी कहना है कि अगर कोई व्यक्ति लगातार अंडों का सेवन करता है तो उसे प्रोटीन की कमी नहीं होगी. यही वजह है कि भारत में अंडो को लेकर काम करने वाली नेशनल एक कोऑर्डिनेशन कमेटी लगातार इस बारे में जागरूक करती रहती है कि अंडे खाने के क्या फायदे हैं. वही अंडों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया जा रहा है. जिसका असर भी नजर आने लगा है. देश में लगातार अंडों का उत्पादन बढ़ रहा है.
बता दें कि अंडा प्रोडक्शन में भारत दुनिया भर में दूसरे नंबर पर है. पिछले साल के आंकड़ों की बात करें तो उत्पादन में 4.44 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि 2023-24 के दौरान प्रोडक्शन में सालाना 3.18 की बढ़ोतरी हुई थी. जबकि प्रति व्यक्ति उपलब्धता भी लगातार बढ़ रही है.
कब कितना हुआ अंडों का उत्पादन
पिछले 7 साल के अंडों के उत्पादन के रिकॉर्ड की बात की जाए तो साल दर साल अंडों का उत्पादन बढ़ा है.
साथ ही प्रति व्यक्ति अंडो की उपलब्धता भी देश में बढ़ी है. जो 79 से लेकर 106 तक पहुंच चुकी है. जिसका मतलब है कि लोग अपनी सेहत के प्रति जागरुक हुए हैं.
साल 2019 में जहां 10 हजार 400 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ था तो वहीं अगले साल 2020 में यह आंकड़ा बढ़ गया और 11 हजार 400 करोड़ अंडों का उत्पादन देश में हुआ.
इसी तरीके से 2021 में 12 हजार 200 करोड़ अंडों का उत्पादन देश में किया गया. जबकि 2022 में 12 हजार 900 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ.
इसी तरीके से 2023 में 13 हजार 800 करोड़ अंडों का उत्पादन किया गया. जबकि 2024 में 14 हजार 300 करोड़ अंडो का उत्पादन हुआ.
इसी तरीके से इस साल के आंकड़े पर गौर करें तो अंडों का उत्पादन और ज्यादा बढ़ा है. इस साल 14 हजार 900 करोड़ अंडों का उत्पादन ज्यादा हुआ है. यानी 600 करोड़ अंडे ज्यादा उत्पादित किए गए.
निष्कर्ष
गौरतलब है कि पोल्ट्री फार्मिंग और उसके जरिए अंडों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं. ताकि ज्यादा से ज्यादा अंडों का उत्पादन हो सके और अंडों की कमी ना हो सके.











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