नई दिल्ली. हाल ही में वित्त मंत्रालय की ताजा मासिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में यह चिंता जाहिर की गई है कि जून के महीने में एल नीनो (El Nino) मौसम प्रणाली सक्रिय होने की आशंका है. जिसकी वजह से देश में इस साल मॉनसून की बारिश कम हो सकती है. ऐसे में जब मानसून की बारिश कम होगी तो पशुपालकों के लिए भी यह बेहद ही चिंता की बात है. क्योंकि जब बारिश कम होगी तो गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी और ऐसे भी आमतौर पर गर्मी में पशु का उत्पादन प्रभावित होता है. दूध का उत्पादन कम होने से पशुपालकों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
पर ऐसा नहीं है कि अल नीनों के खतरे से निपटा नहीं जा सकता है. बस जरूरत यह है कि गर्मी के दौरान जो भी उपाय एक पशुपालक को आजमाने चाहिए. उसे इस बार कम हो रही बारिश की वजह से ज्यादा दिनों तक आजमाना होगा. ताकि कम हो रही बारिश का असर डेयरी फार्मिंग के बिजनेस पर ना पड़े.
क्या करना चाहिए, जानें यहां
जून के महीने में पशु को वैसे भी पानी की कमी होती है. ऐसे में हर वक्त पशु के सामने ताजा और ठंडा पानी उपलब्ध रहना चाहिए.
जून के महीने में पशुओं को गर्मी ज्यादा लगती है. दिन में कम से कम 3 से 4 बार उनके शरीर पर पानी छिड़कना चाहिए.
डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में भैंस ज्यादा दूध का उत्पादन करती है. अगर आप भैंस पालक हैं तो उसे गर्मी से ज्यादा बचाने की जरूरत है.
गाय के मुकाबले भैंस को ज्यादा गर्मी लगती है. इसलिए उसे कम से कम दो बार नहलाना जरूरी होता है.
अल नीनो के खतरे के बीच पशु को सुबह और शाम में दो बार नहलाने से फायदा मिलेगा.
पशु के शेड में भी तमाम व्यवस्था रखें. जिससे शेड के अंदर बाहर की तपिश ना आ सके.
शेड के अंदर फॉगर, कूलर आदि की व्यवस्था करनी चाहिए. इससे पशुओं को गर्मी से राहत मिलेगी.
निष्कर्ष
यहां बताए गए उपायों को अगर आप आजमाते हैं तो अलीनों के खतरे को काफी हद तक टाल सकते हैं. जिससे डेयरी फार्मिंग के काम में आपको आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा.










