Home मछली पालन Fish Farming: लोगों को मिलेगी ताजी मछली, इस योजना के तहत सरकार दे रही मछुआरों को ये किट
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fish Farming: लोगों को मिलेगी ताजी मछली, इस योजना के तहत सरकार दे रही मछुआरों को ये किट

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन की प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. बिहार सरकार राज्य में मछली पालन को भी बढ़ावा देने का काम कर रही है. ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान मछली पालन के काम में आगे आएं और मछली पालन करके अपनी इनकम को दोगुनी करें. वहीं फिशरीज सेक्टर से जुड़े लोगों की भी कई योजनाओं की मदद से सरकार सहायता कर रही है. ताकि इस सेक्टर से जुड़े लोगों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत न आए. सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत मछुआरों को किट बांटी जा रही है. इस किट की मदद से मछुआरे लोगों तक ताजी मछली पहुंचा सकेंगे.

गौरतलब है कि बाजार में बर्फ के मुकाबले ताजी मछली की डिमांड ज्यादा रहती है और इसका दाम भी ज्यादा मिलता है. इसलिए इस तरह की किट मछुआरों को लोगों तक ताजी मछली पहुंचाने और ज्यादा मुनाफा कमाने में मददगार साबित​ होगी.

किट में क्या-क्या दिया जा रहा है
बता दें कि मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के तहत मत्स्य शिकारमाही व विपणन किट का वितरण बुधवार को प्रक्षेत्र कार्यालय परिसर में किया गया.

प्रक्षेत्र के उप मत्स्य निदेशक कुमार विमल प्रसाद व मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने संयुक्त रूप से किट बांटा.

इस अवसर पर उप निदेशक प्रसाद ने कहा कि किट से मछुआरों व मत्स्य विक्रेताओं को इनकम में फायदा मिलेगा.

किट के माध्यम से अपने उत्पाद की बिक्री ताजी व शुद्ध रूप से कर सकेंगे. इससे उन्हें अधिक लाभ होगा. आमदनी में वृद्धि होगी.

मछलियों को अधिक समय तक सुरक्षित, ताजी व हाइजेनिक रूप से रखने में सहायता मिलेगी. साथ ही मत्स्य उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर मछली उपलब्ध हो सकेगी.

वहीं जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा राज्य के मछुआरों को मत्स्य शिकारमाही करने तथा मछली बेचने के लिए उपकरणों को दिया जा रहा है. ?

इस पैकेज में फेंका जाल, गील नेट, हांडी, तराजू, इनसुलेटेड आइस-बॉक्स आदि किट के रूप में 440 इकाई का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है.

इसकी शुरूआत बुधवार को सौ किट वितरण कर की गयी है. बाकी का वितरण भी
जल्द किया जायेगा.

मौके पर प्रक्षेत्र के उप मत्स्य निदेशक कार्यालय व जिला मत्स्य कार्यालय के पदाधिकारी व कर्मियों के अलावा मछुआरे व मत्स्य पालक मौजूद थे.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fish Farming Tips: चूना, पोटैशियम परमैगनेट, फिटकरी और नमक तालाब में डालें, इसके हैं कई फायदे

नई दिल्ली. मछलि यों के तालाब में चूना, पोटैशियम परमैगनेट, फिटकरी और...

livestock animal news
पोल्ट्रीसरकारी स्की‍म

Poultry Farming: बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के लिए सरकार देगी आर्थिक मदद, 15 मई से आवेदन करें

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग का कारोबार स्वरोजगार के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म...

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fish Farming: फिशरीज से जुड़े लोगों में सात थ्री-व्हीलर, आइस बॉक्स और नावों का किया वितरण

नई दिल्ली. बिहार के औरंगाबाद शहर में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन...