नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और ग्लोबल अलायंस फॉर इम्प्रूव्ड न्यूट्रिशन (GAIN) ने नई दिल्ली में सुपोषित भारत के लिए दूध पर नेशनल सेमिनार के दौरान एक एमओयू साइन किया गया. इसका मकसद पूरे भारत में दूध फोर्टिफिकेशन यानि दूध की पौष्टिकता की पहल को बढ़ाना है. इस सहयोग का मकसद डेयरी कोऑपरेटिव बाजार के तहत हस्तक्षेप और पब्लिक-फंडेड प्रोग्राम के जरिए दूध में वैल्यू एडिशन और दूध को पौष्टिक करके फूड और न्यूट्रिशन सिक्योरिटी को बढ़ाना है. जिससे भारत के लोगों को और ज्यादा पौष्टिक दूध पीने को मिलेगा.
एमओयू के तहत, एनडीडीबी और ग्लोबल अलायंस फॉर इम्प्रूव्ड न्यूट्रिशन GAIN इन इंडिया, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के स्टैंडर्ड के हिसाब से सभी तरह के दूध में पौष्टिकता बढ़ाने, क्वालिटी को बनाए रखने, ट्रेनिंग और टेक्निकल सपोर्ट के जरिए डेयरी कोऑपरेटिव की कैपेसिटी बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे. ये पार्टनरशिप टेस्टिंग मैकेनिज्म और मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम में इनोवेशन पर भी फोकस करती है.
एनडीडीबी के चेयरमैन ने क्या कहा
एमओयू में माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी, खासकर विटामिन A और D को दूर करने के लिए एक साझा कमिटमेंट को दिखाता है. जिसे ‘सुपोषित भारत’ के विजन के साथ जुड़े सस्टेनेबल, कोऑपरेटिव-लेड डेयरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा.
वहीं एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने सुपोषित भारत के लिए दूध पर नेशनल सेमिनार में देश भर में विटामिन A और D की कमी को दूर करने में दूध फोर्टिफिकेशन की भूमिका पर जोर दिया.
उन्होंने दूध को स्वाद या क्वालिटी पर असर डाले बिना ज़रूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स देने का एक आदर्श, सस्ता और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाला जरिया बताया.
उन्होंने बताया कि एनडीडबी दूध कोऑपरेटिव, फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, टाटा ट्रस्ट्स और वर्ल्ड बैंक के सपोर्ट से सफांसी प्रोजेक्ट के तहत मिलकर काम किया.
किए गए काम, कैपेसिटी बिल्डिंग, टेक्निकल सपोर्ट और स्टैंडर्ड्स को अपनाकर दूध फोर्टिफिकेशन को मेनस्ट्रीम में लाने में मददगार रहे हैं.
डॉ. शाह ने दूध की कमी वाले देश से दुनिया के सबसे बड़े दूध प्रोड्यूसर बनने तक भारत की डेयरी यात्रा के बारे में भी बताया.
उन्होंने आत्मनिर्भरता हासिल करने और गांवों की रोजी-रोटी को मज़बूत करने के लिए अमूल डेयरी द्वारा शुरू किए गए और NDDB और ऑपरेशन फ्लड के जरिए संस्थागत बनाए गए कोऑपरेटिव मूवमेंट को क्रेडिट दिया.
आखिर में, उन्होंने बच्चों के न्यूट्रिशन को बेहतर बनाने में NDDB फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन और गिफ्टमिल्क जैसे इनिशिएटिव की भूमिका पर जोर दिया, और एक हेल्दी, सुपोषित भारत के लिए NDDB के कमिटमेंट को और मजबूत किया.










